शाह के बहाने केजरीवाल ने सीबीआई पर साधा निशाना
गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड कांड में अमित शाह को राहत दिलाने के लिए केस कमजोर करने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने ट्विट कर कहा कि सीबीआई जानबूझकर केस कमजोर कर रही है जिससे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को फायदा मिल सके।
केजरीवाल ने सीबीआई पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सीबीआई का उपयोग भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए किया गया। इसी तरह भाजपा सरकार में अब सीबीआई अमित शाह को फर्जी मुठभेड़ मामले से आरोपमुक्त करने के प्रयास में लगी हुई है। उन्होंने मीडिया को इस मुद्दे को न उठाने पर भी नाराजगी जताई।
बताते चलें कि गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख और तुलसी प्रजापति मुठभेड़ कांड में अमित शाह के अलावा गुजरात पुलिस के डीआईजी डीजी वंजारा को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया था। मामले में आईपीएस वंजारा को गत माह जमानत मिल गई थी। इससे पूर्व जून में सीबीआई ने मामले में प्रमुख आरोपी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दोषमुक्त करने के लिए सीबीआई कोर्ट में आवेदन किया था।
क्या था सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामला
साल 2005 में अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच व राजस्थान पुलिस ने साथ मिलकर सोहराबुद्दीन को मुठभेड़ में मार गिराया था। आरोप था कि गैंगस्टर सोहराबुद्दीन अपने साथियों के साथ गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला करने की फिराक में था। जिसमें आईबी की सूचना पर पुलिस ने उक्त आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
वहीं इस एनकाउंटर के एकमात्र गवाह तुलसीराम प्रजापति की 26 दिसंबर 2006 में हत्या कर दी गई। दूसरी ओर मुठभेड़ पर हो हल्ला मचने के बाद केन्द्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। प्राथमिक जांच के आधार पर सीबीआई ने मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए उस समय गुजरात के गृहमंत्री रहे अमित शाह और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया था।
इन पर सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी के अलावा तुलसीराम प्रजापति की हत्या का भी केस चलाया गया था। इसके अलावा कथित फर्जी सूचना देने के आधार पर आईबी के भी कई अधिकारियों के नाम सीबीआई ने मुकदमे में दर्ज कराए थे।
हालांकि लाख प्रयास के बाद भी सीबीआई आईबी अधिकारियो को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। बाद में सीबीआई ने गुजरात के आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा को 24 अप्रैल, 2007 को दो अन्य आईपीएस अधिकारियों राजकुमार पांडियान तथा दिनेश एमएन के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसमें नवंबर माह में ही कोर्ट ने वंजारा को जमानत दे दी थी।
गुजरात से बंबई हाइकोर्ट ट्रांसफर हुई सुनवाई
पीड़ित पक्ष की याचिका पर मामले की सुनवाई गुजरात से बंबई हाइकोर्ट में स्थानांतरित कर दी गई थी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी मामले की सुनवाई चल रही है। जहां से अमित शाह को जमानत मिल गई थी। केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से लगातार इस मामले में नए मोड़ आते जा रहे हैं।
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश जेटी उत्पत का 25 जून को तबादला कर दिया गया था। सितंबर 2013 में सीबीआई ने अमित शाह सहित 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लेकिन इस साल जून में सीबीआई ने कोर्ट में आवेदन कर चार्जशीट से अमित शाह का नाम हटाने की मांग कर दी। जिस पर कोर्ट ने अभी तक फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सीबीआई के बदले रुख के बाद से ही लगातार उस पर उंगली उठ रही है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई पर निशाना साधा है कि वह जानबूझकर मामले को कमजोर कर रही है ताकि अमित शाह को फायदा पहुंचाया जा सके।
Cong misused CBI- got corrption cases against its ministers weakened. Now, BJP misusing CBI to get Amit Shah discharged of all cases(1/2)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 26, 2014