किसने लीक किया अरविंद केजरीवाल का स्टिंग?
कांग्रेस विधायकों का ऑडियो लीक होने के बाद आम आदमी पार्टी की चूलें हिल गई हैं। जोड़तोड़ की राजनीति को पाप बताने वाले अरविंद केजरीवाल पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' छींटे पड़ते ही आप में खलबली मची हुई है और पार्टी के नेता सफाई देते फिर रहे हैं।
केजरीवाल ने आप के पूर्व विधायक राजेश गर्ग को कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की नसीहत दी थी, आप नेताओं ने अब उस नसीहत को पॉलिटिकल रिएलाइनमेंट बताया है। ये 'पॉलिटिकल रिएलाइनमेंट' हॉर्स ट्रेडिंग से कितना अलग है ये व्याख्या तो आप नेता ही बेहतर कर पाएंगे, लेकिन जो सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है, वह यह कि अखिर केजरीवाल का स्टिंग लीक किसने किया?
आप आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल और राजेश गर्ग के बीच कांग्रेस विधायकों को खरीदने की बातचीत लोकसभा चुनावों के बाद हुई थी। उन दिनों दिल्ली में राष्ट्रपति शासन था। लोकसभा चुनाव में आप ने 400 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था और बुरी तरह हार गई थी।
हार के सदमे से उबरने के लिए और निराश कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए पार्टी दिल्ली में दोबार सरकार बनाना चाहती थी। ये कांग्रेस के विधायकों के बिना संभव नहीं था। दिल्ली विधानसभा में आप के 28 विधायक थे और कांगेस 8, बहुमत के लिए 36 विधायकों की आवश्यकता थी।
राजेश गर्ग ने कहा, मैंने कुमार विश्वास को दिया था ऑडियो
ऑडियो टेप को यदि वास्तविक माना जाए तो अरविंद केजरीवाल ने उस बातचीत में राजेश गर्ग से कांग्रेस विधायकों को खरीदने को कहा था।
राजेश गर्ग ने बुधवार को कहा था कि बातचीत असली है, उन्होंने केजरीवाल से मोबाइल पर बात की थी। गर्ग ने कहा कि बातचीत का ऑडियो उनके पास था, हालांकि उन्होंने केवल कुमार विश्वास को ही उसे दिया था। राजेश गर्ग ने कहा,'ऑडियो मैंने नहीं लीक किया। मुझे ये भी नहीं पता कि इसे किसने लीक किया है। ऑडियो की मेल मैंने केवल कुमार विश्वास को भेजी थी।'
राजेश गर्ग के बयान के बाद कुमार विश्वास की ओर उंगली उठनी शुरु हुई तो उन्होंने ताबड़तोड़ सफाई भी दे डाली। कुमार विश्वास ने ट्विटर पर लिखा कि 'असफल षडयंत्रकारी राजेश गर्ग जी, मैंने उस ऑडियो क्लिप को उसी दिन पार्टी को दे दिया था। आप उसके जरिए मुझे ब्लैकमेल कर रहे थे। आपको ऑडियो के बदले विधानसभा का टिकट चाहिए था।'
कुमार विश्वास ने लिखा कि, राजेश गर्ग को टिकट नहीं दिया गया, अब वह जो चाहें वो करें।
पहले आया ऑडियो, उसके बाद योगेंद्र-प्रशांत की चिट्ठी
केजरीवाल का स्टिंग लीक होने और योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण की चिट्ठी को भी जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को दोपहर तक केजरीवाल और राजेश गर्ग की बातचीत का ऑडियो सामने आया था और शाम में योगेद्र यादव और प्रशांत भूषण ने कार्यकर्ताओं के नाम लिखी चिट्ठी जारी की थी।
ऑडियो लीक और चिट्ठी जारी होने के दरम्यान आप की महाराष्ट्र इकाई की नेता अंजलि दमानिया ने इस्तीफा दे दिया था। आप छोड़ने की खबर उन्होंने ट्विटर पर दी, उनके पार्टी छोड़ने पर हंगामा हो ही रहा था कि योगेंद्र-प्रशांत की चिट्ठी सामने आ गई।
दोनों नेताओं ने अरविंद केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उस चिट्ठी में कहा गया था कि लोकसभा चुनावों के बाद केजरीवाल और आप की दिल्ली इकाई के अन्य नेताओं न कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने की कोशिश की थी। आप के विधायक भी केजरीवाल के साथ थे। योगेंद्र-प्रशांत ने कहा कि आम आदमी पार्टी के अन्य राज्यों के नेतओं ने जब दिल्ली के नेताओं को समझाया-बुझाया, तब जाकर वो माने।
केजरीवाल के स्टिंग में भी कांग्रेस विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने की बात की गई, और योगेंद्र-प्रशांत की चिट्ठी में भी। दोनों ने ही एक दूसरे के आरोपों को पुख्ता किया, इसलिए सवाल भी उठ रहा है कि केजरीवाल का स्टिंग लीक कराने के पीछे योगेंद्र-प्रशांत की जोड़ी ही तो नहीं है!