काटजू का विवादित बोल- नेता गोली मारने लायक
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पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया को अपने निशाने पर लिया है।
उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा है कि "क्या मनमोहन और सोनिया सरीखे बदमाश तथा दुष्ट नेताओं को, जिन्होंने देश को लूटा और बड़े घोटाले किए एवं हत्यारे मोदी को जिन्दा रहने का हक है?"
न्यायाधीश काटजू के ट्वीट के बाद उनकी आलोचना का दौर शुरू हो गया। लेकिन ट्वीट करने के कुछ ही देर बाद उन्होंने अपना ट्वीट हटा लिया। न्यायाधीश काटजू ने मोदी के कोरिया में दिए बयान को निशाना बनाते हुए एक ब्लाग लिखा है जिसमें उन्होंने नेताओं को गोली मार देने की बात कही है।
ज्यादातर नेता गोली मार दिए जाने के लायक
उन्होंने अपने एक ब्लाग मेें कहा है कि हमारे अधिकतर नेता गोली मार दिए जाने लायक हैं। न्यायाधीश काटजू ने अपने ब्लॉग 'सत्यम ब्रुयात' पर लिखा है, "मुझे भारत में कई चीजों से नफरत है।"
"मुझे बड़े पैमाने पर यहा फैली गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई,स्वास्थ्य और अच्छी शिक्षा की कमी, 50 प्रतिशत से अधिक बच्चों का कुपोषण का शिकार होना, किसानों की आत्महत्या, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, आदि जातिवाद, सांप्रदायिकता, अंधविश्वास, नेताओं (जिनमें से अधिकतर गोली मार दिए जाने के लायक हैं) नफरत है।"
उन्होंने कहा कि मीडिया का ज्यादातर हिस्सा जो इस कदर निचले स्तर पर गिर चुका है कि जनता का ध्यान जरूरी मुद्दों से भटकाने के लिए फिल्म और क्रिकेट की जिन्दगी और ज्योतिष से जुड़े तुच्छ मुद्दों को ज्यादा तवज्जो देता है।
मोदी के बयान को लिया निशाने पर
उन्होंने अपने ब्लाग पर लिखा है कि "मैंने ये कभी सोचा ही न हीं कि मैंने भारत में पैदा होकर कोई बड़ा गुनाह किया है, लेकिन एक महान व्यक्ति को शायद ऐसा लगता है और उन्होंने कोरिया में कहा भी।"
"उन्होंने आगे लिखा है कि भारत में कई बुराइयों के बावजूद मुझे एक भारतीय होने पर गर्व है। भारत में मौजूद बुराइयों से नफरत करने के बाद भी मैं इसके विज्ञान, कला, साहित्य, दर्शन, संस्कृति में हमारे पूर्वजों की उपलब्धियों से चमत्कृत हूं।"
काटजू ने अपने ब्लाग पर भारत में दशमलव, और शून्य की खोज से लेकर सभी पहलुओं की चर्चा की है। अपने ब्लाग के आखिरी में उन्होंने लिखा है कि वे हमेशा युवाओं को सही रास्ता दिखाता रहूंगा।
आखिर क्यों याद करें राजीव गांधी को?
पूर्व न्यायाधीश काटजू ने पोस्ट की है जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करने का कारण पूंछते हुए कुछ सवाल उठाएं हैं। उन्होंने लिखा है कि आखिर राजीव गांधी को क्या इसलिए याद किया जाए कि वो 1984 के दंगों में 5,हजार सिखों के मारे जाने के जिम्मेदार हैं।
या फिर इसलिए याद किया जाए कि मुस्लिम वोट बैंक बचाने के लिए उन्होंने शाहबानों के मामले में गलत कदम उठाया। उन्होंने ये भी लिखा है कि क्या राजीव गांधी को इसलिए याद किया जाए कि उनकी वजह से हमारे कितने सैनिक श्रीलंका में बेवजह मारे गए।
बतातें चले कि आज के ही दिन चुनावी रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर आतंकी हमला हो गया था, जिसमें उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। काटजू अपने बयानों के चलते आए दिन चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्हाेंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ब्रिटिश एजेंट तक करार दे दिया था।