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पीर पंजाल पार कर इतिहास रचा भारतीय रेलवे ने
काजीगुंड/ब्यूरो
Updated Sat, 29 Dec 2012 12:00 AM IST
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आखिरकार भारतीय रेलवे ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया। कश्मीर और जम्मू डिवीजन में पीर पंजाल पर्वतीय शृंखला के बीच एशिया की सबसे लंबी टनल में रेलवे का ट्रायल रन सफल रहा। 11 किलोमीटर लंबी इस टनल को पार करने में इंजन के साथ जुड़ी एक बोगी ने महज 23 मिनट का समय लिया।
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ट्रायल रन की निगरानी कर रहे रेलवे के आला अफसरों ने इसे बड़ी कामयाबी करार दिया। लिहाजा अब बनिहाल और बारामूला के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अफसरों ने फरवरी-मार्च 2013 में बनिहाल से बारामूला के बीच ट्रेन चलने की उम्मीद भी जाहिर की।
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शुक्रवार दोपहर 12.38 बजे कश्मीर डिवीजन के काजीगुंड रेलवे स्टेशन से इंजन का ट्रायल रन शुरू हुआ। आधे घंटे के भीतर ट्रेन पीर पंजाल रेंज पार कर जम्मू डिवीजन के बनिहाल स्टेशन पहुंची। इस कामयाबी से खुश रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंजीनियरिंग) एपी मिश्रा और चीफ इंजीनियर अशल ने बताया कि उधमपुर से कटड़ा के बीच मार्च 2013 और जम्मू-बारामूला के बीच 2017 तक रेलवे ने सेवा शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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अधिकारियों का कहना था कि 2013 जम्मू-कश्मीर में रेलवे सेवा के लिए अहम होगा, क्योंकि इस दौरान कटड़ा तक ट्रेन पहुंचने के साथ बनिहाल से भी बारामूला तक सीधे ट्रेन चलेगी। इससे पूर्व रेलवे प्रबंधन, कुलगाम और अनंतनाग जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अफसर हिलर के ग्रामीणों का प्रदर्शन स्थगित कराने में कामयाब रहे।
जिला और पुलिस अफसरों की मौजूदगी में रेलवे के चीफ इंजीनियर अशल जैन और मेंबर रेलवे बोर्ड (इंजीनियरिंग) एपी मिश्रा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि तीन दिन के भीतर रेलवे अफसरों की कमेटी ट्रैक का मुआयना कर हिलर में एक हाल्ट बनाने संबंधी रिपोर्ट देगी। बृहस्पतिवार को हिलर के ग्रामीणों ने हाल्ट स्टेशन बनाने की मांग पूरी नहीं होने के विरोध में ट्रैक पर धरना देकर ट्रायल नहीं होने दिया था।
1956 के बाद दूसरा सुनहरा अवसर
56 साल बाद एक बार फिर पीर पंजाल पर्वतीय शृंखला में इतिहास रचा गया। 22 दिसंबर, 1956 को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर जवाहर टनल से यातायात शुरू हुआ था। इसके बाद अब शुक्रवार को पीर पंजाल पर्वतीय शृंखला में काजीगुंड-बनिहाल रेलवे सेक्शन को टनल के जरिये इंजन और बोगी ने पार किया। बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन के बीच रेलवे का ट्रायल रन कामयाब होने के बाद यह बनिहाल-काजीगुंड हाईवे का भी विकल्प बन गया है। अकसर भारी बर्फबारी के कारण यातायात के लिए जवाहर टनल के बंद होने पर कश्मीर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होती है।
छह लाख लोगों को फायदा
ट्रायल कामयाब होने के बाद काजीगुंड-बनिहाल के बीच ट्रेन चलने से दोनों इलाकों के छह लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा। सड़क के जरिये जवाहर टनल पार कर दोनों तरफ के लोगों को काजीगुंड अथवा बनिहाल पहुंचने में डेढ़ घंटे का समय लगता है। लेकिन, ट्रेन से यह फासला महज आधे घंटे में तय हो जाएगा।
दो और टनल का काम जारी
जम्मू-श्रीनगर हाईवे को फोर लेन में तबदील करने के तहत पीर पंजाल में दो और टनलों पर काम जारी है। इन टनलों के बनने से जवाहर टनल का महत्व भी कम हो जाएगा। क्याेंकि यह दोनों टनल जवाहर टनल वाले स्थान से काफी नीचे बनाए जा रहे हैं।