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सर्वे में खुली पोल, सबसे गंदे शहरों में मोदी की काशी

Tue, 16 Feb 2016 01:14 PM IST
Updated Tue, 16 Feb 2016 01:14 PM IST
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kashi of modi failed in cleanliness

स्वच्छ भारत अभियान की अलख जगाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस ही स्वच्छता सर्वे में फिसड्डी साबित हुआ है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से देश भर में सर्वे कराने के बाद जो सूची जारी की गई है, उसमें काशी सबसे गंदे शहरों में शामिल है।

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स्वच्छता सर्वे में शहर को 65वीं रैंक मिली है। 2014 में मिली 59वीं रैंक से भी नीचे इस बार जगह मिली है। स्मार्ट सिटी की दौड़ में पिछड़ने के बाद पीएम की काशी को यह दूसरा बड़ा झटका लगा है।
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मालूम हो कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से देश के 73 शहरों में स्वच्छता सर्वे कराया गया था। मंत्रालय ने इसकी जिम्मेदारी स्वतंत्र एजेंसी क्वालिट कंट्रोल ऑफ इंडिया को दी थी।
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पांच से सात जनवरी के बीच सर्वे के दौरान संस्था के प्रलय विश्वास, संतोष यादव और आनंद मिश्रा शहर का हाल देखकर दंग रह गए थे। टीम ने भेलूपुर और आदमपुर जोन में सफाई व्यवस्था का हाल जाना था।

पीएम ने काशी में उठाया था झाड़ू और फावड़ा

kashi of modi failed in cleanliness

दुर्गाकुंड, दलित बस्ती, आनंद पार्क, दशाश्वमेध, चौक, बजरडीहा, हरिश्चंद्र घाट और कैंट स्टेशन के समीप सफाई का जायजा लिया था। इन इलाके में भ्रमण के दौरान जगह-जगह फैली गंदगी की तस्वीरें भी कैमरे में कैद की थीं।

अंतिम दिन नगर निगम के स्वच्छता अभियान की हकीकत जानने के बाद संस्था के सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर मंत्रालय को सौंपी थी। सोमवार को मंत्रालय ने अपनी सूची जारी की है, जिसमें वाराणसी सबसे निचले पायदान पर है।
मालूम हो कि पीएम ने काशी से ही फावड़ा चलाकर व झाड़ू लगाकर स्वच्छ भारत अभियान को गति दी थी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने दिव्य काशी अभियान की शुरुआत की थी, इसके बाद भी हालात इतने बदतर हैं।

शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद जो खामियां होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। - रामगोपाल मोहले, महापौर।

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