करुणानिधि ने लोकसभा चुनावों से पहले खोले ये पत्ते
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डीएमके ने 2जी घोटाले के आरोपी और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और दयानिधि मारन को लोकसभा चुनाव में फिर से पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।
डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने बागियों को कड़ा संकेत देते हुए बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अलागिरि का टिकट काट दिया है। पार्टी 35 सदस्यों की सूची में राजा को नीलागिरी सुरक्षित सीट से जबकि मारन को मध्य चेन्नई से टिकट दिया गया है।
सूची में आठ मौजूदा सांसद हैं। टीआर बालू, टीकेएस एलानगोवन, एसजगतराछगन, आर थम्मारी सेलवन, एन गांधीसेल्वन और एकेएस विजयन शामिल हैं। डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने बताया कि तमिलनाडु की 39 और पुड्डुचेरी की एक सीट में से द्रमुक ने पांच सीटें अपनी सहयोगी पार्टियों को दी है। पार्टी का चुनाव घोषणा पत्र मंगलवार को जारी किया जाएगा।
मोदी पर बोले कुछ नहीं
द्रमुक प्रमुख एम. करुणानिधि ने कहा है कि वह लोकसभा चुनावों के बाद देश में धर्मनिरपेक्ष पार्टी की सरकार के पक्ष में हैं। नब्बे साल के इस दिग्गज राजनीतिज्ञ ने सोमवार को कहा कि सेक्लूयर पार्टी को ही देश पर शासन करना चाहिए। यह मेरा और द्रमुक दोनों का सिद्धांत हैं। आप सभी इस बारे में जानते हैं।
करुणानिधि से पत्रकारों ने पूछा कि वह पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे या नहीं। लेकिन उन्होंने किसी खास शख्स के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।
उनसे पूछा गया कि क्या देश में मोदी की लहर चल रही है। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ बंगाल की खाड़ी में उठने वाली लहरों का पता है। गौरतलब है कि द्रमुक ने पिछले दिनों अपने एक इंटरव्यू में मोदी को मेहनती और अच्छा मित्र करार दिया था।
तीसरे मोर्चे की संभावनाओं के बारे में पूछने पर करुणानिधि ने कहा कि द्रमुक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मोर्चा में हमेशा अपना योगदान देगा। हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया।