नेताजी ने गधों को दिया वफादारी का पुरस्कार
कुत्तों की स्वामीभक्ति की तारीफ का चलन बहुत पुराना है, पहली बार गधों की स्वामीभक्ति की तारीफ हुई है। तारीफ किसी और ने नहीं बल्कि एक आला नेता ने की है। नेताजी कर्नाटक की एक क्षेत्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं।
कन्नड़ चालुवेली वटल पक्ष के अध्यक्ष वटल नागराज ने मंगलवार को दो गधों को कठिन परिश्रम, स्वामीभक्ति, ईमानदारी, अनुशासन और आज्ञाकारिता के लिए सम्मानित किया। गधों को 'राज्योत्सव पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नागराज ने कहा, 'मैंने सभी पालतू जानवरों को सम्मानित करने के फैसला किया है। गधे, कुत्ते, भैंसे, गाय और बैल आदमी से भी अधिक वफादार हैं। वे आदमी से भी अधिक मेहनती, अनुशासित और आज्ञाकारी हैं।
सरकार भी देती है ऐसा ही पुरस्कार
नागराज कर्नाटक की चामराजनगर सीट से विधायक भी रह चुके हैं। कर्नाटक सरकार हर वर्ष एक नवंबर को विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों को 'राज्योत्सव पुरस्कार' से सम्मानित करती है। एक नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस मनाया जाता है।
नागराज उसी पुरस्कार की तर्ज पर जानवरों को पुरस्कृत करते हैं। उन्होंने अपने पुरस्कार का नाम भी 'राज्योत्सव पुरस्कार' ही रखा है। मंगलवार को पुरस्कार समारोह में गधों को पहले नहलाया गया और फिर कपड़े पहनाए गए। नागराज ने उसके बाद उन्हें माला पहनाई।
पुरस्कार समारोहों में जैसे नामचीन हस्तियों को शॉल भेंट की जाती है, वैसे ही गधों को शॉल भेंट की गई। उन पर गुलाब की पंखुड़िया बरसाई गईं। इस अवसर पर मौजूद दर्शकों ने तालियां बजा कर गधों का स्वागत भी किया।