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कर्नाटकः सीएम की रेस में सिद्धारमैय्या के साथ खड़गे भी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2013 10:53 AM IST
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कर्नाटक में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद अब मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस के अंदर दौड़ भाग शुरू हो गई है। नए मुख्यमंत्री की दौड़ में सिद्धारमैय्या सबसे आगे माने जा रहे हैं।
उनके अलावा तीन केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, वीरप्पा मोइली और केएच मुनियप्पा भी मुख्यमंत्री की कुर्सी की रेस में हैं।
वहीं कांग्रेस हाईकमान के ट्रंप कार्ड के तौर पर ऑस्कर फर्नांडीज का नाम भी चर्चाओं के बाजार में गरम है। साथ ही ब्राह्मण नेता के तौर पर आर पी देशपांडे का नाम भी चर्चा में है।
कर्नाटक की जीत के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भले ही अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर कहा है कि पार्टी विधायक ही अपना नेता तय करेंगे। मगर जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के अलावा अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के सिलसिले को जारी रखने की चुनौती को देखते हुए आलाकमान को ही अंतिम फैसला करना है।
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ऐसे में अगले मुख्यमंत्री की कुर्सी में सबसे आगे सिद्धारमैय्या चल रहे हैं। वह पिछडे़ वर्ग से हैं और पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व उन्होंने खुद संभाला था।
उनके समर्थकों की राय है कि अगर हाईकमान को राज्य में जीत का सिलसिला लोकसभा चुनाव में भी जारी रखना है, तो वे ही सबसे बेहतर दांव होंगे।
सिद्धारमैय्या के खिलाफ सिर्फ एक ही बात जा रही है कि वह मूल रूप से जनता दल सेक्यूलर से करीब सात पहले ही कांग्रेस में आए हैं। पार्टी में उनका विरोधी खेमा उन्हें बाहरी भी कहता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री की दौड़ में अभी नंबर एक दावेदारी उनकी ही मानी जा रही है।
वहीं दलित चेहरे के तौर पर केंद्रीय श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे की दावेदारी को भी नकारा नहीं जा रहा है। खड़गे को कुर्सी सौंप दलित कार्ड खेलकर राज्य ही नहीं बल्कि देशभर में एक संदेश देने का पार्टी का मकसद पूरा हो सकता है। हाईकमान से भी उनके बेहतर संबंध है।
दूसरी तरफ पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के दस जनपथ से बेहतर रिश्तों को देखते हुए उनका नाम भी दौड़ में शामिल है। वह पहले भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साथ ही वरिष्ठ नेता आर पी देशपांडे का नाम ब्राह्मण चेहरे के तौर पर चर्चाओं के बाजार में आ रहा है।
फर्नांडीज के नाम की भी चर्चा है। नामों की सूची में केंद्रीय राज्यमंत्री के एच मुनियप्पा भी शामिल हैं जबकि प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वरम विधानसभा चुनाव हारने के बाद इस दौड़ से लगभग बाहर हो गए हैं।
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उनके अलावा तीन केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, वीरप्पा मोइली और केएच मुनियप्पा भी मुख्यमंत्री की कुर्सी की रेस में हैं।
वहीं कांग्रेस हाईकमान के ट्रंप कार्ड के तौर पर ऑस्कर फर्नांडीज का नाम भी चर्चाओं के बाजार में गरम है। साथ ही ब्राह्मण नेता के तौर पर आर पी देशपांडे का नाम भी चर्चा में है।
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कर्नाटक की जीत के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भले ही अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर कहा है कि पार्टी विधायक ही अपना नेता तय करेंगे। मगर जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के अलावा अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के सिलसिले को जारी रखने की चुनौती को देखते हुए आलाकमान को ही अंतिम फैसला करना है।
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ऐसे में अगले मुख्यमंत्री की कुर्सी में सबसे आगे सिद्धारमैय्या चल रहे हैं। वह पिछडे़ वर्ग से हैं और पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान का नेतृत्व उन्होंने खुद संभाला था।
उनके समर्थकों की राय है कि अगर हाईकमान को राज्य में जीत का सिलसिला लोकसभा चुनाव में भी जारी रखना है, तो वे ही सबसे बेहतर दांव होंगे।
सिद्धारमैय्या के खिलाफ सिर्फ एक ही बात जा रही है कि वह मूल रूप से जनता दल सेक्यूलर से करीब सात पहले ही कांग्रेस में आए हैं। पार्टी में उनका विरोधी खेमा उन्हें बाहरी भी कहता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री की दौड़ में अभी नंबर एक दावेदारी उनकी ही मानी जा रही है।
वहीं दलित चेहरे के तौर पर केंद्रीय श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे की दावेदारी को भी नकारा नहीं जा रहा है। खड़गे को कुर्सी सौंप दलित कार्ड खेलकर राज्य ही नहीं बल्कि देशभर में एक संदेश देने का पार्टी का मकसद पूरा हो सकता है। हाईकमान से भी उनके बेहतर संबंध है।
दूसरी तरफ पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली के दस जनपथ से बेहतर रिश्तों को देखते हुए उनका नाम भी दौड़ में शामिल है। वह पहले भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साथ ही वरिष्ठ नेता आर पी देशपांडे का नाम ब्राह्मण चेहरे के तौर पर चर्चाओं के बाजार में आ रहा है।
फर्नांडीज के नाम की भी चर्चा है। नामों की सूची में केंद्रीय राज्यमंत्री के एच मुनियप्पा भी शामिल हैं जबकि प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वरम विधानसभा चुनाव हारने के बाद इस दौड़ से लगभग बाहर हो गए हैं।