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कर्नाटक में कुर्सी की जंग तेज, कई दावेदार उभरे

Fri, 10 May 2013 12:18 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 10 May 2013 12:18 AM IST
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karnataka chief minister race

कर्नाटक की जीत के बाद कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है।

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प्रमुख दावेदारों ने कुर्सी को लेकर अपना खम ठोका है, जबकि पार्टी हाईकमान ने अगले मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की टीम का ऐलान कर दिया है।

ये टीम बंगलूरू में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेकर विधायकों की राय पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंचाएंगी।

वहीं मुख्यमंत्री कुर्सी के प्रबल दावेदार सिद्धारमैय्या ने कहा है कि उनको कांग्रेस के लगभग 120 विधायकों का समर्थन हासिल है जबकि दूसरे दावेदार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि आलाकमान के कहने पर वह मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के लिए तैयार है।

कर्नाटक में अगले मुख्यमंत्री की कुर्सी का असली दावेदार तय करने में पार्टी हाईकमान पूरी सतर्कता बरत रहा है। अभी तक मुख्यमंत्री की कुर्सी की दौड़ में सिद्धारमैय्या सबसे आगे माने जा रहे हैं। विधायकों के समर्थन का दावा भरकर उन्होंने अपने तेवर भी जाहिर कर दिए है।
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सूत्रों का कहना है कि सभी विधायकों का समर्थन होने की बात कर सिद्धारमैय्या ने आलाकमान को अपनी ताकत का अहसास कराया है।

वहीं सिद्धारमैय्या को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपने से हाईकमान को पार्टी के नेताओं का गुस्सा भड़कने की भी आशंका है। छह-सात साल पहले ही जनता दल सेक्यूलर से कांग्रेस में आए सिद्धारमैय्या को पार्टी का एक बड़ा खेमा उन्हें बाहरी मानता है।
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सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैय्या को अगर मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं दी जाती तो वह विधायकों में भी फूट डालने की ताकत रखते हैं। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इस बात का भी अहसास है।


दूसरी तरफ खड़गे पर आलाकमान को भूरा भरोसा है। मगर केंद्र की राजनीति से सीधा प्रदेश में उतारने को लेकर भी रोष पैदा होने की संभावना मानी जा रही है।

लिहाजा, आलाकमान सभी समीकरणों और संभावनाओं को टटोलकर देखते हुए बिना किसी विरोध के फैसला लेने की कोशिश में है। वीरप्पा मोइली की दावेदारी को भी नकारा नहीं जा रहा है। जबकि के एच मुनियप्पा, देशपांडे और ऑस्कर फर्नांडिस पर चर्चा का बाजार गरम है।

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