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4.37 करोड़ की नकदी और 2.5 किलो सोने का आईएएस कनेक्शन

Tue, 08 Sep 2015 03:39 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 08 Sep 2015 03:39 PM IST
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kapil mohan and his son should face investigation

बीते अगस्त की 5 तारीख को बैंगलोर के गोल्डेन ग्रैंड एपार्टमेंट स्थित एक खाली फ्लैट से क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट एथॉरटी की छापेमारी में उन्हें भारी मात्रा में आभूषण नकदी बरामद हुई थी।

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इस मामले में जांच के दौरान एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का बेटा भी फंसता नजर आ रहा है। कर्नाटक के आईएएस अधिकारी कपिल मोहन का 21 वर्षीय पुत्र अहान मोहन इनकम टैक्स की निगाह में आ चुका है। जांच के दौरान पता चला है कि ये फ्लैट उसी नाम से रजिस्टर्ड है जिस फर्म का मालिक अहान है।
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जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि पीएसके फाइनेंस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक अन्य कंपनी जिसका डायरेक्टर अहान था, उसने इसी साल मार्च में 10 करोड़ के शेयरों का एलॉटमेंट थर्ड पार्टी को किया।

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जांच का विषय है लेन-देन

kapil mohan and his son should face investigation

उसी माह में अहान को दोनों फर्म्स के डारेक्टर पद से हटा दिया गया। जांच एजेंसियो को छानबीन के दौरान कुछ कागजात मिले जिससे यह पता चला कि जो प्रॉपर्टी आईएएस अधिकारी कपिल मोहन के परिवार को बेची गई है वो कंपनियों द्वारा आवंटित किए गए शेयरों के आधार पर बेची गई है।

कंपनियों के लेन-देन अब इनकम टैक्स विभाग के लिए जांच का विषय बन गई हैं। मार्च 2015 में कंपनी द्वारा किए गए आकस्मिक लेन देन इस बात की ओर भी इशारा कर रहे हैं कि इसमें आईएएस अधिकारी कपिल मोहन का भी हित था।

इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि फरवरी से अप्रैल 2015 के बीच हुए घूस काण्ड जिसमें लोकायुक्त भास्कर राव के बेटे जो कथित तौर पर इसमें आरोपी हैं, इसमें कपिल मोहन को भी निशाने पर रहे हों।

कपिल मोहन निशाने पर

kapil mohan and his son should face investigation

बताते चलें कि लोकायुक्त के बेटे अश्विन राव और 9 अन्य के खिलाफ इस मामले में जांच की जा रही है। वहीं कपिल मोहन ने इस बात से साफ इंकार किया है कि वे इस घूस काण्ड में निशाना बनाए जा रहे थे।

इसलिए अब आईएएस और उनके बेटे अहान पर कर्नाटक लोकायुक्त घोटाले के तहत जांच होगी। बीते माह जब कर्नाटक पुलिस और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने खाली फ्लैट पर छापा मारा था तो उन्हें बैंगलोर के गोल्डेन ग्रैंड एपार्टमेंट कॉंपलेक्स खाली पड़े फ्लैट से 4.37 करोड़ रुपए की नकदी और 2.5 किलो के आभूषण मिले थे, जिसमें सोने और हीरे भी शामिल थे।

कपिल मोहन सीआईडी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जांच घेरे में तब भी आ गए थे जब उनकी पत्नी रुचि सक्सेना के पास से 75 लाख रुपए के आभूषण बरामद हुए थे, वहीं जांच के दौरान कपिल मोहन, उनकी पत्नी और 76 वर्षीय पिता नरेश मोहन के नाम से प्रॉपर्टी के कागजात भी मिले हैं।

मेरा नाम जोड़ा जाना गलत

kapil mohan and his son should face investigation

कपिल मोहन 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और कृष्णा भाग्य जल निगम प्रोजेक्ट के सन् 2011 से 2012 तक मुख्य अधिकारी भी थे। फिलहाल वो युवा उत्थान और खेल विभाग के सचिव हैं।

इस मामले में सीआईडी डीजीपी किशोर चंद्र ने कहा कि जब उन्होंने उस फ्लैट में छानबीन इसलिए कि क्योंकि उन्हें इस बात की गुप्त सूचना मिली थी कि क्रिकेट सट्टेबाजी से मिले पैसे यहां जमा किए जा रहे हैं। ये अपार्टमेंट एक कंपनी के नाम से है न कि किसी व्यक्ति के नाम से।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान इस बात का पता लगाया जाएगा कि इस कंपनी के पीछे कौन-कौन लोग हैं। वहीं आईएएस अधिकारी कपिल मोहन का कहना है कि वो एक सिविल सेवक हैं और उनके परिवार में अन्य लोग अपने व्यवसाय में सफल हैं, ऐसे में उन्हें फ्लैट और उसमें मिले रुपए से जोड़ा जाना गलत है।

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