पहले पति को दान की किडनी, फिर रखा करवाचौथ का व्रत
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करवाचौथ पर यूं तो हर विवाहिता पूरे दिन अन्न जल का त्यागकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। लेकिन खैर की कमलेश देवी का त्याग असाधारण है। उन्होंने अपने पति की सलामती के लिए अपनी किडनी देने में जरा भी गुरेज नहीं किया।
खास बात यह है कि कमलेश देवी गुरुवार को ही पति को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कराकर लाईं और शुक्रवार को उन्होंने करवाचौथ का व्रत भी रखा। यूपी में मथुरा के गांव नावली के रहने वाले श्यामबाबू आरपीएफ अलीगढ़ में उपनिरीक्षक हैं। वह खैर के मोहल्ला मालीपुरा में पत्नी, दो बेटी व तीन बेटियों के साथ मकान में रहते हैं।
11 माह पूर्व अचानक श्यामबाबू की तबियत खराब हुई। कुछ माह ऐसे ही नीम हकीमों के चक्कर में उपचार कराते हुए गुजर गए। जब हालत नहीं सुधरी तो दिल्ली में अपोलो हॉस्पीटल में उनका इलाज हुआ।
मोहल्ले में कमलेश के त्याग की चर्चा
जिसमें श्यामबाबू के दोनों गुर्दे खराब होने की बात पता चली। यह सुनते ही
पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें किडनी की आवश्यकता थी। कई
सामाजिक संस्थाओं से एवं संभावित लोगों से बातचीत भी की गई लेकिन किसी ने
हां नहीं की।
इस पर उनकी पत्नी कमलेश देवी ने खुद ही किडनी देने का फैसला
किया। कमलेश देवी का ब्लड ग्रुप पति के ब्लड से मैच नहीं कर रहा था। लेकिन
डॉक्टरों ने पूरा प्लाजमा चेंज कर किडनी को ट्रांसप्लांट करने लायक बना
दिया और ऑपरेशन सफल हुआ।
कमलेश देवी गुरुवार को ही पति को हॉस्पिटल से
डिस्चार्ज कराकर घर लेकर आई हैं। मोहल्ले में कमलेश देवी के त्याग ही चर्चा
है।