अरुणाचल: कलिखो ने ली शपथ, राष्ट्रपति शासन खत्म
अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार को राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के कुछ घंटे बाद ही पूर्व कांग्रेस नेता कलिखो पुल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उन्हें राज्यपाल जेपी राजखोवा ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेसी नेताओं की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में बहुत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कराने की इजाजत देने की गुहार की थी।
यूं तो सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अरुणाचल प्रदेश में नई सरकार बनने का रास्ता साफ कर दिया था लेकिन पुल की ओर से कांग्रेस के बागी, भाजपा और निर्दलीय विधायकों की ओर के साथ गवर्नर जेपी राजखोवा के साथ मिलने के बाद ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन खत्म करने के फैसले को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने इस फैसले पर सहमति दे दी।
गौरतलब है कि पुल के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों का एक धड़ा पार्टी से अलग हो गया था और इससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था। इस संकट की वजह से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा।
पूर्व सीएम के पास केवल 26 विधायकों का समर्थन
कहा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री नबाम टुकी के पास अब 60 सदस्यीय
विधानसभा में सिर्फ 26 विधायकों का ही समर्थन रह गया है। कांग्रेस के पास
पहले 47 विधायकों का समर्थन था लेकिन इसके विधायकों के पार्टी छोड़ कर चले
जाने के बाद पार्टी की सरकार अल्पमत में आ गई थी।
इधर, शुक्रवार की सुबह
सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान कांग्रेसी नेताओं की ओर से पेश वरिष्ठ
वकील कपिल सिब्बल ने मौखिक तौर पर कहा कि विधानसभा में उनकी पार्टी को
बहुमत है, लिहाजा विधानसभा में उसे फ्लोर टेस्ट की इजाजत दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जैसा उन्हें अंदेशा था, वैसा हो रहा है।
पहले राष्ट्रपति
शासन खत्म करना और फिर नई सरकार बनाना। जिस पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा।