निर्भया कांडः क्यों मौन है अवार्ड वापसी गिरोह?
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने निर्भया गैंगरेप केस में दोषी नाबालिग की रिहाई पर साहित्यकारों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साहित्यकारों को सम्मान लौटाने वाले गिरोह करार दिया है।
कैलाश ने साहित्यकारों पर निशाना साधते हुए पूछा है कि अब अवार्डवापसी गिरोह चुप्पी क्यों साधे हुए है। साथ ही उन्होंने पूछा है कि क्या साहित्यकारों की आत्मा मर गयी है। विजयवर्गीय ने ये बात ट्वीट करके की है।
उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि अब साहित्यकारों की आत्मा मर गयी है क्या या कोई चुनाव नहीं चल रहा है जो वो लोग चुप्पी साधे हुए हैं। उन्हें देश को जवाब देने की आवश्यकता है।
निर्भया की मां ने लगायी इंसाफ की गुहार
गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप केस के दोषी नाबालिग को रिहा किया जा रहा है। इस रिहाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे निर्भया के माता-पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था,लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
साथ ही पुलिस ने उन्हें में इंडिया गेट के बजाया जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दी है। मामले पर इससे पहले रिहाई रोकने के लिए दिल्ली महिला आयोग ने अर्जी दी थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। वहीं, निर्भया की मां ने अर्जी पर कहा कि आज दोषी छूट जाएगा, तो फिर सुनवाई का क्या मतलब होगा।
अगर रिहाई रूकवानी थी तो दिन में कोशिश की जाती। रात में सुनवाई सिर्फ देश के दुष्मनों के लिए हो सकती है, देश की बेटी को इंसाफ देने के लिए नहीं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की आशंका के बीच इंडिया गेट पर धारा 144 लगा दी है। लोगों को वहां जुटने से मना कर दिया गया है।