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सिक्किम के रास्ते भी कैलास-मानसरोवर यात्रा
एजेंसी/गंगटोक
Updated Sat, 29 Nov 2014 10:49 PM IST
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हर साल उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रा और नेपाल से की जाने वाली कैलास-मानसरोवर यात्रा अब सिक्किम से भी की जा सकेगी। इसके लिए यात्रियों को राज्य की नाथुला से तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र (टार) के शिगात्से भेजा जाएगा, जहां से बस या वैन के जरिये सीधे मानसरोवर और कैलाश पहुंचा जा सकता है।
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राज्य पर्यटन विभाग ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि इसकी शुुरुआत अगले साल जून में होने की उम्मीद है।
सितंबर में चीन और भारत के बीच सिक्किम से टार के शिगात्से तक यात्रा करवाने के नये मार्ग पर द्विपक्षीय समझौता हुआ था। इस यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों को दो दिन गंगटोक में ठहरना होगा।
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फिर यहां से अभ्यस्त केंद्र के तौर पर चिन्हित किए गए दो स्थान, 17 माइल और शेराथांग पहुंचना होगा। यहां से यात्री तिब्बत पहुंचेंगे। पहले दल के अगले साल जून में यहां से यात्रा करने की संभावना है। 10 दलों में 1600 यात्रियों के जाने की उम्मीद है।
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हालांकि उससे पहले विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारियों की सात सदस्यीय टीम मार्च महीने में मार्ग का परीक्षण करने के लिए यहां से यात्रा करेगी। नेपाल के रास्ते इस यात्रा में 10 दिनों का समय लगता है और उत्तराखंड से 27 दिन।
इन दोनों मार्गों से जहां यात्रियों को कई कठिनाइयों को सामना करना पड़ता है, वहीं इस मार्ग से वाहन के जरिये आठ दिनों के भीतर आसानी से पहुंचा जा सकेगा।