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दिल्ली गैंगरेपः नाबालिग के केस पर फैसला आज
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 24 Jan 2013 10:24 AM IST
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राजधानी दिल्ली में चलती बस में पैरामेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार नाबालिग आरोपी पर अन्य आरोपियों के साथ ही मुकदमा चलेगा या नहीं, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड आज इस पर फैसला देगा।
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वहीं, जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नाबालिग आरोपी पर अन्य आरोपियों के साथ मुकदमा चलाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
उनका कहना है कि 12 साल से अधिक आयु के आरोपी द्वारा जानकारी के बावजूद अपराध में लिप्त होने पर अन्य अभियुक्तों के साथ मुकदमा चलाने का प्रावधान मौजूद है।
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मुख्य न्यायाधीश डी मुरुगेश व न्यायाधीश वीके जैन की खंडपीठ ने स्वामी के तर्क सुनने के बाद उन्हें पहले संबंधित जेजे बोर्ड में जाने के लिए कहा। जेजे बोर्ड इस मुद्दे पर आज फैसला सुनाएगा।
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हाईकोर्ट के समक्ष स्वामी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 83 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा कोई भी आरोपी जिसकी आयु 12 साल से अधिक है और जो मानसिक तौर पर परिपक्व है, उस पर सत्र न्यायालय में मुकदमा चलाया जा सकता है।
जेजे एक्ट का हवाला देते हुए स्वामी ने कहा कि यह कानून जेबतराशी, छोटी मोटी चोरी व दूसरे बेहद मामूली अपराध में पकड़े जाने वाले उन नाबालिगों के लिए बना था जो पूरी तरह परिपक्व नहीं हैं।
अपनी याचिका में स्वामी ने कहा कि जो अपराधी दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे रहा है, वह अपरिपक्व व नासमझ नहीं हो सकता।
इसलिए मामले में नाबालिग आरोपी के मुकदमे की सुनवाई भी अन्य आरोपियों के साथ सत्र न्यायालय में होनी चाहिए। हाईकोर्ट के बाद बुधवार दोपहर स्वामी ने जेजे बोर्ड के सामने अपना तर्क रखा। उनके तर्क सुनने के बाद बोर्ड ने उनकी अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया।