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'अटल-आडवाणी के परिजनों पर लगे आरोपों की जांच हो'
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Sun, 28 Oct 2012 09:01 PM IST
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश जेएस वर्मा ने भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के परिजनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत होने के दिग्विजय सिंह के दावों की जांच कराने की मांग की है। दिग्विजय की ओर से सबूतों का खुलासा नहीं किए जाने पर जस्टिस वर्मा ने कहा कि यह शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने पर बनी सहमति की ओर इशारा है।
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जस्टिस वर्मा ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अपने कर्त्तव्य में विफल रहेंगी यदि वे एक दूसरे की कमियों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं ला पाती हैं। एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह भारतीय नेताओं में नैतिकता की कमी से पूरी तरह से निराश हैं।
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कांग्रेस महासचिव के भाजपा के शीर्ष नेताओं के परिजनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत होने संबंधी दावों पर कहा कि यह बहुत ही परेशान करने वाला बयान है। पता नहीं ये सत्य हैं या गलत। यदि आरोप सत्य हैं तो यह गंभीर मामला है क्योंकि यह व्यक्तिगत मामला नहीं है और इसकी जांच करानी चाहिए। यदि ये आरोप गलत हैं तो यह बहुत ही गलत चीज है।
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वर्मा ने कहा कि कानूनी एजेंसियों को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और दिग्विजय सिंह से उनके दावों के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लग रहे आरोपों पर वर्मा ने कहा कि सत्ता पर बैठे लोग ही नहीं बल्कि उनके करीबी लोगों पर भी संदेह होना लाजमी है क्योंकि वे भी निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं।
दिग्विजय के भाजपा नेताओं के परिजनों के खिलाफ सबूतों का खुलासा नहीं करने और भाजपा के रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाने पर पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि यह उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने पर बनी मौन सहमति की ओर इशारा करता है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पर लगे आरोपों पर वर्मा ने कहा कि यदि प्रथम दृष्टया सबूत हैं तो नैतिकता के आधार पर ऐसे व्यक्ति को इस्तीफा दे देना चाहिए।