सिर्फ एक परिवार बसा, खर्च हो गए 120 करोड़
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कश्मीरी विस्थापितों के लिए प्रधानमंत्री वापसी और पुनर्वास पैकेज के तहत 2008 से लेकर 2013 तक 120.41 करोड़ की भारी भरकम राशि खर्च की गई है।
कैग रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पर हैरतअंगेज कर देने वाली बात यह है कि इतनी भारी भरकम राशि करने के बावजूद महज एक कश्मीरी विस्थापित परिवार ही आज तक घाटी लौटा है। अक्तूबर 2009 में रियासती सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी करने के बाद 5136 विस्थापित परिवारों ने पैकेज के तहत वापसी की इच्छा जाहिर करते हुए फार्म भरे थे।
मनमोहन सिंह ने किया था दौरा
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अप्रैल 2008 में रियासत का दौरा करने के दौरान कश्मीरी विस्थापितों के लिए वापसी और पुनर्वास पैकेज की घोषणा की थी। इसके बाद अक्तूबर 2009 में राज्य सरकार ने 1618.40 करोड़ के पैकेज का आदेश जारी किया था। इस पैकेज में से 172.09 करोड़ की राशि का बजट अलाट किया गया। 120.41 करोड़ की राशि भी खर्च कर दी गई।
40.85 करोड़ की राशि से अनंतनाग के वेसु में दो करोड़, हावल पुलवामा में 22.73 करोड़, नथनुसा कुपवाड़ा में 13.82 करोड़ और खानपोरा बारामूला में 2.30 करोड़ की राशि से 463 दो कमरों के सेट तैयार किए गए, लेकिन केवल एक परिवार के लौटने की वजह से खाली पड़े सेटों में से 363 में पीएम पैकेज के तहत सरकारी नौकरी पाने वाले विस्थापित कर्मचारियों को अलाट किया गया है। कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्थापित कर्मचारियों के परिवार भी उनके साथ नहीं है। ऐसे में करोड़ों का खर्च सही ढंग से नहीं किया गया है।