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यूपी में डॉक्टरों की गुंडई, एक मरीज की मौत

Mon, 22 Oct 2012 11:07 AM IST
कानपुर/ब्यूरो
कानपुर/ब्यूरो Updated Mon, 22 Oct 2012 11:07 AM IST
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junior doctors hoolaganism take one life

हैलट में रविवार दोपहर ‘धरती के भगवान’ कहे जाने वाले डॉक्टर ‘धरती के शैतान’ नजर आए। एक मरीज के अस्पताल से ही दवा दिलाने की मांग पर जूनियर डॉक्टर गुंडई पर उतारू हो गए। जो मरीज उनसे इलाज की गुहार कर रहे थे, उन्हें थप्पड़ मारे, तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिसवालों ने रोका तो चौकी में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की। तीमारदारों की कारें और दुपहिया वाहन तोड़ डाले। एक सपा नेता की कार फूंकने की भी कोशिश की। इसके बाद अस्पताल में हड़ताल कर दी, जिससे इलाज के अभाव में एक मरीज की मौत हो गई।

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एसपी पश्चिम और एसीएम ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के समझाने पर करीब 4 घंटे बाद डॉक्टर काम पर लौटे। इस दौरान गंभीर रूप से बीमार और जख्मी कई मरीज इलाज के बगैर ही लौट गए।
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अकबरपुर (कानपुर देहात) के भवानीदीन पुरवा गांव निवासी किसान बलवीर यादव की पत्नी सीमा (25) को जलने पर इमरजेंसी में डॉ. विकास कटियार की देखरेख में भर्ती किया गया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्हें बर्न वार्ड के बेड नंबर-6 में ट्रांसफर कर दिया गया। दोपहर 2.30 बजे सीमा के चचेरे भाई सपा नेता राजू यादव, इंद्रजीत अपने दोस्त नितिन के साथ सीमा को देखने अस्पताल आए। वहां परिवार वालों ने राजू को बताया कि अस्पताल से दवाएं नहीं मिल रही हैं। डॉक्टरों ने बाहर से दवा लाने को कहा है।
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राजू ने बताया कि उसने एक जूनियर डॉक्टर से सरकारी दवाएं देने के लिए कहा, तो वह भड़क गए। जूनियर डॉक्टर ने राजू को तमाचा जड़ दिया तो राजू ने भी डॉक्टर को पीट दिया। इसके बाद तमाम जूनियर डॉक्टर हाकी और डंडे लेकर आ गए। फिर उन्होंने राजू, उसके भाई और दोस्त को जमकर पीटा।

डॉक्टरों के हंगामे के बीच सीमा की इलाज के अभाव में मौत हो गई। तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया तो जूनियर डॉक्टर और बिगड़ गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में खड़ी तीमारदारों की कारें और दुपहिया वाहन लाठी-हॉकी से तोड़ डाले। पुलिस और पीएसी के जवानों के आने पर जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल का कामकाज ठप कर दिया।


उन लोगों ने सीमा के तीमारदारों के खिलाफ कार्रवाई और डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर हो-हल्ला शुरू कर दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. पीके सिंह, प्राक्टर डॉ. एसके अरोड़ा और डॉ. आरके मौर्या इमरजेंसी पहुंचे और जूनियर डॉक्टरों को शांत कराकर हड़ताल खत्म कराई। अस्पताल में फोर्स तैनात कर दी गई है। 

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