न्यायिक हिरासत में रहेंगे MP के पूर्व मंत्री
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शिवराज मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा मंत्री रहे लक्ष्मीकांत शर्मा को 10 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनकी गिरफ्तारी व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के जरिए नाप-तौल और खाद्य निरीक्षक भर्ती मामले में की गई है।
यह तीसरा मामला है, जिसमें उन्हें गिरफ्तार किया गया। इससे पहले उन्हें संविदा शिक्षकों, पुलिस उपनिरीक्षक की भर्ती मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ की जा चुकी है।
उनका आमना-सामना उनके ओएसडी रहे ओपी शुक्ला से कराया गया था।
व्यापम घोटाले में एक और खुलासा
लक्ष्मीकांत शर्मा ने इस मौके पर कहा कि वह न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
गुरूवार को लक्ष्मीकांत शर्मा को थाने से निकाला गया और कोर्ट में पेश किया गया। लक्ष्मीकांत शर्मा के पूर्व ओएसडी ओपी शुक्ला को भी 10 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
शर्मा की तीसरे मामले में गिरफ्तारी के बाद यह देखा गया है कि व्यापम के भर्ती घोटाले में लगातार खुलासों पर खुलासे हो रहे हैं। हालांकि एक वर्ग यह आशंकाएं जाहिर कर रहा है कि जिस तरह से पूछताछ की जानी थी, वैसी पूछताछ नहीं की गई है।
शिवराज सरकार में मंत्री थे लक्ष्मीकांत
ओपी शुक्ला ने आरोप लगाए थे कि लक्ष्मीकांत शर्मा के बंगले से जो नाम दिए गए थे, वे नाम बढ़ाए जा रहे हैं।
उधर आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग (ईओडब्ल्यू) नितिन महिंद्रा की गिरफ्तारी कर सकती है। पंकज त्रिवेदी और नितिन महिंद्रा को 30 जून तक रिमांड पर भेजा गया है।
वहीं एमपीपीएस फर्जीवाड़े में अंतरराज्यीय दलालों को एसटीएफ हिरासत में लेगी। दिल्ली की तिहाड़ में बंद चार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।