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क्या यूपी में नहीं है नियम कानून: सुप्रीम कोर्ट

Sat, 12 Sep 2015 01:02 PM IST
राजीव सिन्हा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 12 Sep 2015 01:02 PM IST
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judges of high court will work under up govt?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क्या उत्तर प्रदेश में नियम-कानून नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि क्या हाईकोर्ट के जज राज्य सरकार के नौकर हैं और क्या सरकार यह चाहती है कि जज उनके मातहत काम करें।

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न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की सामाजिक न्याय पीठ ने ये टिप्पणी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर गौर करने के बाद की।

वास्तव में गुमशुदा बच्चों के मामलों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को राज्य सलाहकार समिति का गठन करने केलिए आदेश दिया था।

इस पर यूपी सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह राज्य सलाहकार समिति का गठन नहीं कर सकती क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इससे संबंधित एक कमेटी का गठन कर लिया है।
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एक हफ्ते में सुधारे गलती

judges of high court will work under up govt?

उत्तर प्रदेश सरकार का यह हलफनामा सामाजिक न्याय पीठ को इस कदर नागवार गुजारा कि उसने राज्य सरकार की जम कर क्लास लगाई। पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि चूंकि हाईकोर्ट ने कमेटी का गठन कर लिया है तो आप कुछ नहीं करेंगे।

आप क्या उम्मीद करते हैं कि हाईकोर्ट के जज आपके नौकर बन जाएं। क्या हाईकोर्ट के जज आपके इशारे पर काम करें। अदालत की तीखी टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश के एडिशनल एडवोकेट जनरल गौरव भाटिया ने गलती स्वीकार कर ली।

भाटिया ने पीठ से गुहार की कि उन्हें गलती सुधारने का मौका दिया जाए। भाटिया द्वारा बार-बार आग्रह करने केबाद पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक हफ्ते में गलती सुधारने के लिए मौका दे दिया

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