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जेपीसी में राजा की गवाही पर घबरा रही कांग्रेस!
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 27 Feb 2013 09:35 AM IST
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2जी घोटालों की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की गवाही पर अब तक फैसला नहीं हो पाया है। जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने कहा कि समिति में ए राजा को बुलाने या न बुलाने के मुद्दे पर अब निर्णय नहीं हो सका है।
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पीसी चाको ने मंगलवार को कहा कि समिति सभी महत्वपूर्ण गवाहों को बुला चुकी है लेकिन पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को बुलाने के विषय पर उसे निर्णय लेना अभी बाकी है।
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चाको ने कहा कि समिति में सभी प्रमुख गवाहों से पूछताछ हो चुकी और अब सदस्य रिपोर्ट लिखने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि मैं राजा को बुलाने के विषय पर अन्य सदस्यों से चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय लूंगा।
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जब उनसे पूछा गया क्या कि उनका मतलब राजा को गवाह के रूप में बुलाए जाने से इनकार करना है तो उन्होंने कहा कि केवल समिति ही इस मुद्दे पर निर्णय ले सकती है।
उन्होंने कहा कि हमने अपनी अंतिम बैठक में गवाहों से पूछताछ पूरी कर ली। अब बैठक के लिए किसी तारीख की घोषणा नहीं की गई है। चाको ने कहा कि मैं समिति के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा करूंगा।
गौरतलब है कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ने समिति के समक्ष पेश होने की इच्छा प्रकट की है और जेपीसी में द्रमुक सदस्य-टी आर बालू और टी शिवा राजा को गवाह के तौर पर बुलाए जाने पर दबाव डाल रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को राजा ने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और चाको को पत्र लिखकर जेपीसी के समक्ष गवाह के रूप में पेश होने की वकालत की थी और दावा किया था कि उनकी बात सुने बगैर ही उन्हें लांछित किया गया है।
जी ई वाहनवती को फिर बुलाने की मांग
जेपीसी में द्रमुक सदस्यों ने भी अटार्नी जनरल जी ई वाहनवती को फिर से समिति के समक्ष बुलाए जाने की मांग की है। वाहनवती ने इसी माह के प्रारंभ में जेपीसी के सामने कहा था कि टू जी लाइसेंस के संबंध में विवादास्पद प्रेस नोट को अंतिम घड़ी में राजा ने वर्ष 2008 में दूसरी कलम से बदल दिया था। वाहनवती तब सॉलीसीटर जनरल थे। राजा पर विशेष सीबीआई अदालत में अन्य गवाहों ने भी टूजी घोटाले का ठीकरा फोड़ा है।
माना जा रहा है कि चाको राजा को गवाह के रूप में बुलाए जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने समिति के सदस्यों से कहा कि बतौर आरोपी राजा को कानूनी सुरक्षा प्राप्त है और वह समिति के समक्ष ताजा खुलासा नहीं कर सकते। ऐसे में उन्हें समिति के समक्ष बुलाने का कोई मतलब नहीं है।
वहीं, जेपीसी में कांग्रेस सदस्य राजा को बतौर गवाह बुलाने के खिलाफ हैं क्योंकि उनकी पेशी को भाजपा और वामदल समेत विपक्षी सदस्य सरकार को घेरने के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। राजा का कहना है कि उन्होंने टू जी लाइसेंसिंग मुद्दे पर अपने फैसलों के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय व अन्य को जानकारी दी थी।