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2 जी घोटाले में मनमोहन-चिदंबरम को क्लीन चिट

Fri, 19 Apr 2013 10:39 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 19 Apr 2013 10:39 AM IST
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jpc gives clean chit to manmohan and chidambaram

2जी घोटाला मामले में कांग्रेस सांसद पीसी चाको की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्तमंत्री पी चिदंबरम को क्लीन चिट दे दी है।

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समिति ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में इस घोटाले का सारा ठीकरा पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा पर फोड़ दिया है।

हालांकि रिपोर्ट के लीक होने और प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को क्लीन चिट दिए जाने की सूचना से सियासी तूफान खड़ा होना तय है।

भाजपा और वामदलों ने रिपोर्ट लीक होने और मनमोहन-चिदंबरम को क्लीन चिट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

आम चुनाव से पहले 2जी घोटाले का दाग धोने के लिए जेपीसी रिपोर्ट को भुनाने के सरकार के इरादे को भांपते हुए भाजपा और वामदलों ने सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामा खड़ा करने का साफ संकेत दे दिया है।
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सूत्रों के मुताबिक जेपीसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में 2जी घोटाले के लिए ए राजा तथा मंत्रालय के अधिकारियों को दोषी ठहराने के साथ ही प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को क्लीन चिट दे दी गई है।
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रिपोर्ट में पहले आओ पहले पाओ की नीति के तहत हुए स्पेक्ट्रम के आवंटन की आलोचना करते हुए कहा गया है कि आवंटन के लिए नीलामी की प्रक्रिया अपनाने से व्यापक नुकसान से बचा जा सकता था।

रिपोर्ट में राजा की नीयत पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा गया है कि बतौर दूरसंचार मंत्री उन्होंने नीतियों में बदलाव की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय को नहीं दी।

राजा ने इस पूरी प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को अंधेरे में रखा। रिपोर्ट में पहले आओ पहले पाओ की नीति लागू करने में भी गलत तौर तरीका अपनाने का आरोप लगाया गया है।

हालांकि यह खुलासा नहीं हो पाया कि समिति ने नुकसान की रकम कितनी आंकी है। कैग ने इस घोटाले में 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया था।

भाजपा और वामदलों के नेताओं ने रिपोर्ट लीक होने को गंभीर घटना बताया है, वहीं पूरी रिपोर्ट को आईवॉश करार देते हुए अपनी असहमति रिकॉर्ड कराने की बात कही है।

प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पर इस मामले में लगातार मुखर हमला करते रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा समिति के सदस्य यशवंत सिन्हा ने कहा कि रिपोर्ट हमें अस्वीकार्य है।


उन्होंने रिपोर्ट लीक होने की जांच की मांग करते हुए कहा कि समिति के अध्यक्ष चाको ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को बचाने के लिए नैतिकता ताक पर रख दी। हम सत्र के पहले ही दिन इस मामले को संसद में उठाएंगे।

समिति के वामपंथी सदस्य गुरुदास दासगुप्ता और डी राजा ने भी रिपोर्ट को लीपापोती करार देते हुए इसके लीक होने को गंभीर घटना कहा।

दासगुप्ता ने कहा कि चाको को सवालों का जवाब देना होगा। वामदलों ने भी मामले को संसद में उठाने की ताल ठोक दी है।

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