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इंसाफ की आस में जगेंद्र के परिजनों ने मोदी की लिखी चिट्ठी

Fri, 19 Jun 2015 09:15 AM IST
Updated Fri, 19 Jun 2015 09:15 AM IST
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journalist jagender's family wrote letter to pm modi

आखिरकार सांसद कृष्णाराज को पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर जाने का समय मिल गया। जगेंद्र की मौत के दस दिन बात सांसद बृहस्पतिवार को दस मिनट के लिए उनके घर पहुंची, लेकिन धरने से दूरी बनाए रखी। उन्होंने परिवार के लोगों से घर जाकर अकेले में बात की।

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सांसद ने जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह को घर बुलाकर अकेले में बात की। इस दौरान मीडिया को भी दूर रखा गया। जगेंद्र के परिवार से वार्ता के बाद लौटते समय सांसद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति के चक्कर में नहीं पड़ना चाहती हैं।
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उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। देरी से आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले को दिल्ली में उठा चुकी हैं। शाहजहांपुर आने के बाद वह जगेंद्र सिंह के घर आई हैं। जगेंद्र के परिवार के प्रति उन्हें पूरी सहानुभूति है।
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प्रधानमंत्री के लिए पत्र दिया

जगेंद्र सिंह के पिता सुमेर सिंह सहित परिवार के सभी सदस्यों ने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र सांसद कृष्णाराज को सौंपा है। पत्र में कहा गया है कि उन लोगों को प्रदेश सरकार पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्हें न्याय प्रधानमंत्री ही दिला सकते हैं। पत्र में मामले की सीबीआई जांच, परिवार को आर्थिक सहायता, जगेंद्र सिंह के पुत्रों को नौकरी दिलाने की मांग की गई है।

पूरनपुर सीओ के व्यवहार से खराब होते बचा माहौल

journalist jagender's family wrote letter to pm modi

पूरनपुर के सीओ ब्रजकिशोर के अभद्र व्यवहार के चलते धरना स्थल पर माहौल खराब होते होते बचा। इस दौरान लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी भी सुनाई। सीओ पूरनपुर की ड्यूटी धरना स्थल पर लगी है। बृहस्पतिवार को वह धरना स्थल पर आ रहे थे।

गली में जगेंद्र सिंह का भांजा विक्की दुकान पर खरीदारी कर रहा था। आरोप है कि बाइक किनारे करने को कहते हुए सीओ उससे गालीगलौज करने लगे। विक्की ने धरनास्थल पर आकर परिवार के लोगों को मामले की जानकारी दी। इसी बीच सीओ भी आ गए तो उत्तेजित लोगों ने उनका घेराव कर लिया और अभद्र व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई।

इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने जगेंद्र सिंह के घर पहुंचकर मामले की जांच की। उन्होंने कहा कि जांच में सहयोग के लिए जगेंद्र सिंह का लैपटॉप पुलिस को दिया जाना चाहिए, लेकिन परिवार के लोगों ने लैपटॉप में सेव डाटा को खुर्द बुर्द किए जाने की आशंका जताते हुए लैपटॉप देने से इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर ने लैपटॉप पुलिस को देने का नोटिस भी परिवार के लोगों को देना चाहा लेकिन उन्होंने नोटिस नहीं लिया।

जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह ने कहा कि उन्हें प्रदेश सरकार और मामले की जांच कर रही पुलिस पर भरोसा ही नहीं है। लिहाजा लैपटॉप नहीं दिया जा सकता है। सुमेर सिंह ने कहा कि जेपी तिवारी पहले ही लैपटॉप से सारा डाटा कॉपी करके  ले जा चुके हैं, तो अब क्या कारण है कि पुलिस लैपटॉप के पीछे पड़ी हुई है।

पांचवें दिन भी जारी रहा घरवालों का धरना

journalist jagender's family wrote letter to pm modi

पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में दर्ज रिपोर्ट में आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की बर्खास्तगी, हत्या में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को आर्थिक सहायता देने और पत्रकार के पुत्रों को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर परिवार के लोगों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। परिवार के लोगों के साथ भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे।

गौरतलब है कि पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और सहायता की मांग को लेकर जगेंद्र सिंह का परिवार रविवार से घर के पास धरना प्रदर्शन पर बैठा है। बुधवार को चौथे दिन धरने पर परिवार के साथ भाजपा नेता रागिनी सिंह, महेंद्रपाल, देवेश गुप्ता, कांग्रेस नेता संतोष शर्मा कई कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहीं।

धरने पर जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह, बहन लवली सिंह, पुत्र राहुल और राजन, पुत्री रचना आदि कई लोग बैठे थे। सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम लालबहादुर, सीओ पुवायां उमेश शर्मा, सीओ पूरनपुर ब्रजकिशोर सहित तमाम पुलिसकर्मी और डॉक्टर आदि मौजूद रहे।

मजिस्ट्रेटी जांच की अवधि बढ़ी

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जगेंद्र सिंह की मौत के प्रकरण में डीएम शुभ्रा सक्सेना द्वारा शुरू कराई गई मजिस्ट्रेटी जांच की अवधि बढ़ाकर अब 24 जून कर दी गई है। मामले की जांच कर रहे अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) पीके श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के संबंध में अभी तक 10-12 लोगों ने शपथ पत्र सहित कथन उपलब्ध कराए हैं। गोपनीयता की दृष्टि से यह बताना संभव नहीं कि बयान किसके पक्ष में आए हैं, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते अन्य लोगों से साक्ष्य और कथन लेना जरूरी समझा गया।

एडीएम के अनुसार इसीलिए डीएम के निर्देश पर 17 जून तक प्रभावी रहने वाली मजिस्ट्रेटी जांच की अवधि बढ़ाकर 24 जून कर दी गई है। जांच अभी लंबित है, इसलिए प्रकरण में साक्ष्य और कथन उपरोक्त तिथि तक किसी भी कार्य दिवस में उनके कार्यालय में उपस्थित होकर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

भाकपा कार्यकर्ताओं ने शुरू किया बेमियादी धरना
जगेंद्र की मौत के मामले में सीबीआई जांच समेत कई जन समस्याओं को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार से कलक्ट्रेट पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। इस मौके पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन विरोधी नारेबाजी भी की।

भाकपा की जिला इकाई के सह सचिव रामशंकर लाल ने कहा कि जगेंद्र मौत प्रकरण की देश-दुनिया में गूंज के बावजूद अफसरों की संवेदनहीनता लोगों का गुस्सा भड़का रही है। धरना-प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया।

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