केरी ने WTO को लेकर मोदी को चेताया
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मोदी-ओबामा मुलाकात के लिए माकूल जमीन तैयार करने आए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगाह किया है कि भारत ने डब्ल्यूटीओ के विश्व व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर दुनिया को गलत संदेश दिया है।
शुक्रवार को मोदी के साथ हुई करीब 40 मिनट की मुलाकात में केरी ने अपने राष्ट्रपति बराक ओबामा का संदेश देते हुए कहा कि वह मोदी से मुलाकात कर संबंधों का नया अध्याय शुरू करने को आतुर हैं। सितंबर के आखिर में अमेरिका में होने वाली मोदी-ओबामा मुलाकात के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय स्तर पर कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
इस मुलाकात के बाद केरी ने कहा कि व्यापार समझौते से इनकार कर भारत ने दुनिया भर में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। यह उस संदेश के विपरीत है जो मोदी पूरी दुनिया में देना चाह रहे हैं।
हालांकि केरी ने उम्मीद जताई कि भारत इस मसले को जल्द ही हल कर लेगा। पीएम मोदी ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री को यह स्पष्ट संदेश दिया कि डब्ल्यूटीओ पर विकासशील देशों की चिंताओं को विकसित देशों को समझना चाहिए।
'सुषमा ने जासूसी को लेकर जताया था ऐतराज'
केरी के साथ अमेरिका की वाणिज्य मंत्री प्रितज्कर भी थीं। दोनों अमेरिकी मंत्रियों ने कहा कि दोनों देश आने वाले दिनों में आपसी विश्वास और दूरदर्शिता के तहत रिश्ते प्रगढ़ करने के लिए गंभीरता से तैयारी कर रहा है।
केरी ने कहा कि ओबामा मोदी के नेतृत्व वाले भारत के साथ रिश्तों को खास तवज्जो दे रहे हैं। वह भारत से आपसी और वैश्विक स्तर पर रिश्तों को प्रगाढ़ करना चाह रहे हैं। उन्हें सितंबर में होने वाली मुलाकात का बेसब्री से इंतजार है।
मोदी से मुलाकात से पहले बृहस्पतिवार को केरी और प्रितज्कर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी। इन मुलाकात में सुषमा ने केरी से दो टूक कह दिया है कि भारत को उनकी एजेंसी एनएसए की जासूसी पर गंभीर ऐतराज है।
अमेरिका को अपने मित्र देश भारत में जासूसी नहीं करनी चाहिए। जॉन केरी ने इस यात्रा की तैयारी से पहले मोदी के सबका साथ सबका विकास की सोच की तारीफ की थी। केरी के मुताबिक अमेरिका मोदी के इस विजन में शरीक होने की इच्छा रखता है।