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कन्हैया के वीडियो से छेड़छाड़ में फंसी स्मृति की करीबी शिल्पी

Thu, 03 Mar 2016 01:28 PM IST
Updated Thu, 03 Mar 2016 01:28 PM IST
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JNU Videos Doctored: Forensic report; Smriti aide Shilpi Tewari under lens.

जेएनयू विवाद में सामने आए वीडियो को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली सरकार की ओर से कराई फोरेंसिक जांच में पता चला है कि इन वीडियो से छेड़छाड़ हुई है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की करीबी शिल्पी तिवारी का नाम सामने आ रहा है।

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रिपोर्ट में तीन वीडियो ऐसे हैं जिन पर संदेह जताया गया है, इनमें से एक का सीधा संबंध शिल्पी तिवारी से बताया गया है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं उसमें पता चलता है कि रिकॉर्डिंग क्यू1 और क्यू2 में होंठ हिलते हुए दिखते हैं, लेकिन इसमें विसंगतियों के संकेत मिलते हैं।
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इसमें मिलने वाली ऑडियो स्ट्रीम मूल रूप से रिकॉर्ड वीडियो का हिस्सा नहीं है। इसलिए बातचीत प्रामाणिक नहीं लगती है और वक्ताओं का भाषण सच्चा नहीं लगता है।

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दिल्ली सरकार की जांच रिपोर्ट में खुलासा

JNU Videos Doctored: Forensic report; Smriti aide Shilpi Tewari under lens.

रिपोर्ट कहती है कि रिकॉर्डिंग क्यू2 सबसे पहले यूजर शिल्पी तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर सामने आया। ये पूरी तरह से अपनी राय को दर्शाता है, इससे ये निष्कर्ष निकलता है कि रिकॉर्डिंग क्यू1 और क्यू2 में ऑडियो और वीडियो स्ट्रीम प्रामाणिक नहीं लगती। ये विभिन्न स्रोतों से आते नजर आते हैं। ऐसा लगता है कि इन रिकॉर्डिंग को सत्य घटना के रूप में प्रदर्शित करने के इरादे से एक साथ विलय किया गया है।"

दिल्ली सरकार की ओर से डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व कराई गई जांच के बाद ट्रूथ लैब ने फोरेंसिक ऑडियो-वीडियो रिपोर्ट की सत्यता की जांच की। इसमें 18 फरवरी को पांच वीडियो पेश किया गया और दो ज्यादा वीडियो 22 फरवरी को पेश किया गया। रिपोर्ट में एक और वीडियो पर सवाल खड़ा हुआ है। ये वीडियो क्यू5 लेवल का है। ये भी पूरी तरह से सत्य नजर नहीं आता।

हालांकि शिल्पी तिवारी के मुद्दे पर मानव संसाधन मंत्रालय ने दूरी बनाते हुए कहा कि स्मृति ईरानी निजी आधार पर उसे जानती होंगी।

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