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सीएम मांझी बोले, नीतीश मेरे आराध्य देव
Updated Wed, 19 Nov 2014 06:57 PM IST
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अपने बेतुके और तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर से अपने बयान के जरिए सुर्खियां बटोरी हैं।
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सवर्णों को विदेशी बताने वाले मांझी ने अब नीतीश कुमार को अपना अराध्य देव बताया है। मांझी ने कहा कि मैं नीतीश कुमार को अपना आभार प्रकट करता हूं कि उन्होंने राज्य के पहले महादलित व्यक्ति को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया है।
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मांझी ने नीतीश की तारीफ करते हुए कहा कि नीतीश के पास काफी बड़ा दिल है और किसी भी दूसरे व्यक्ति की तुलना में ज्यादा साहसी हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश मेरे लिए अराध्य देव से कम नहीं हैं और उन्होंने राज्य के पिछड़े और आदिवासी तबके को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है।
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गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार और मांझी के बीच रिश्तों में खटास की चर्चा का बाजार गर्म है। हाल ही में मांझी ने नीतीश कुमार को एक खास कार्यक्रम में आमंत्रित किया था लेकिन औपचारिक तौर पर आमंत्रित किए जाने के बाद भी नीतीश उस समारोह में नहीं पहुंचे थे। इस समारोह में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्णा सिन्हा को श्रृद्धा सुमन अर्पित किए जाने थे।
मांझी देते रहे हैं विवादित बयान
बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने इस साल काफी विवादित बयान दिए हैं। नजर डालिए मांझी के कुछ विवादित बयानों पर---
मांझी ने अपने राज्य के दौरे के दौरान कहा था सवर्ण विदेशी लोग हैं और आदिवासी मूल निवासी हैं। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किया गया। मांझी ने कहा कि उन्होंने आदिवासी क्षेत्र बगहा में रैली के दौरान यह कहा था कि आदिवासी जनजाति को नींद से जागते हुए यहां की सत्ता को अपने हांथ में ले लेना चाहिए क्योंकि वो ही यहां के मूल निवासी हैं।
मांझी ने दलित समाज को रात में शराब पीने की सलाह भी दी थी। मांझी ने दलितों से कहा था कि वो लोग दिन में नहीं बल्कि रात में ही शराब पिया करें। ऐसा करने से दलितों की छवि खराब नहीं होगी। हालांकि उन्होंने शराब नहीं पीने की भी बात कही थी, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि शराब दवाई की तरह पीने में कोई बुराई नहीं है।
मांझी ने अपने बयानों से राज्य की महिलाओं के चरित्र पर भी उंगली उठाई थी। गोपालगंज में एक कार्यक्रम में जीतनराम मांझी ने कहा था कि विवाह के बाद जिन महिलाओं के पति नौकरी करने के बाहर चले जाते हैं, वे क्या करती हैं ये सभी को पता है।
मांझी ने अपने एक कार्यक्रम में दलित समाज को एक ऐसी नसीहत दे डाली जो शायद ही किसी सूबे का मुख्यमंत्री किसी को देगा। महेंद्रु स्थित राजकीय कल्याण छात्रावास में दलित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर दलित बिहार में अपनी सरकार बनाना चाहते हैं तो वह अपनी आबादी बढ़ाएं। मांझी यहीं नहीं रुके उन्होंने कह डाला कि आबादी बढ़ाने के लिए ये भी आवश्यक है कि दलित अब जात-पात से ऊपर उठकर अंतरजातीय विवाह करें।
मांझी ने अपने राज्य के दौरे के दौरान कहा था सवर्ण विदेशी लोग हैं और आदिवासी मूल निवासी हैं। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किया गया। मांझी ने कहा कि उन्होंने आदिवासी क्षेत्र बगहा में रैली के दौरान यह कहा था कि आदिवासी जनजाति को नींद से जागते हुए यहां की सत्ता को अपने हांथ में ले लेना चाहिए क्योंकि वो ही यहां के मूल निवासी हैं।
मांझी ने दलित समाज को रात में शराब पीने की सलाह भी दी थी। मांझी ने दलितों से कहा था कि वो लोग दिन में नहीं बल्कि रात में ही शराब पिया करें। ऐसा करने से दलितों की छवि खराब नहीं होगी। हालांकि उन्होंने शराब नहीं पीने की भी बात कही थी, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि शराब दवाई की तरह पीने में कोई बुराई नहीं है।
मांझी ने अपने बयानों से राज्य की महिलाओं के चरित्र पर भी उंगली उठाई थी। गोपालगंज में एक कार्यक्रम में जीतनराम मांझी ने कहा था कि विवाह के बाद जिन महिलाओं के पति नौकरी करने के बाहर चले जाते हैं, वे क्या करती हैं ये सभी को पता है।
मांझी ने अपने एक कार्यक्रम में दलित समाज को एक ऐसी नसीहत दे डाली जो शायद ही किसी सूबे का मुख्यमंत्री किसी को देगा। महेंद्रु स्थित राजकीय कल्याण छात्रावास में दलित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर दलित बिहार में अपनी सरकार बनाना चाहते हैं तो वह अपनी आबादी बढ़ाएं। मांझी यहीं नहीं रुके उन्होंने कह डाला कि आबादी बढ़ाने के लिए ये भी आवश्यक है कि दलित अब जात-पात से ऊपर उठकर अंतरजातीय विवाह करें।