फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Jayant Balaji Athavale the founder of Sanatan Sanstha,

जीभ पर ॐ के उभार का दावा, ये हैं सनातन के सर्वेसर्वा

Wed, 30 Sep 2015 11:55 AM IST
Updated Wed, 30 Sep 2015 11:55 AM IST
विज्ञापन
Jayant Balaji Athavale the founder of Sanatan Sanstha,

वामपंथी नेता और बुद्धिवादी गोविंद पंसारे की हत्या के बाद आरोपों से घिरे महाराष्ट्र की सनातन संस्था के संस्थापक जयंत बालाजी अठावले को उनके समर्थक विष्णु का अवतार मानते हैं। सनातन संस्था के सदस्यों का कहना है कि अठावले 'असाधारण शख्सियत' हैं, उनमें 'दैवीय परिवर्तन' हुए हैं। अठावले की शरीर में आए परिवर्तनों की सूची सनातन संस्था की एक वेबसाइट और ब्लॉग पर भी दी गई है।

विज्ञापन


वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, समय के साथ अठावले के बाल सुनहरे हो गए और उनके शरीर से 'दैवीय कण' गिरते हैं। अठावले के नाखूनों, माथे और जीभ पर ओम (ॐ) क प्रतीक उभर आया और उनके शरीर से खुशबू आती है।
विज्ञापन


एक वेबसाइट पर ऐसी कई चीजों की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं, जिनका प्रयोग अठावले ने किया और उनमें बदलाव आ गया।

अठावले के टॉयलट ब्रश का रंग बदल गया

Jayant Balaji Athavale the founder of Sanatan Sanstha,

उन सामानों में एक गुलाबी टॉयलट ब्रश भी शामिल है, वेबसाइट पर पोस्ट जिसकी तस्वीर के कैप्‍शन में लिखा गया है कि इस ब्रश का इस्तेमाल अठावले ने किया था और इसका रंग बदल गया।

www.spiritualresearchfoundation.org पर दिए गए एक आलेख में कहा गया है कि समय के साथ 'हिज होलीनेस डॉ अठावले' के शरीर में कई बदलाव आए, जो नकारात्मक ऊर्जा के कारण भी थे और उनमें 'दैव‌ीय प्रभाव' के प्रकट होने के कारण भी ‌‌थे।

संस्‍था द्वारा चलाए जा रहे एक ब्लॉग englishsanatanprabhat. blogspot में कहा गया है कि डॉ अठावले ईश्वर का मानवीय रूप हैं। 'गुरु डॉ अठावले, जो 'हिंदू राष्ट्र' की स्‍थापना के आदर्शों के लिए दिन-रात संघर्ष कर रहे हैं ईश्वर का मानवीय रूप हैं।'

ना‌ड़िपत्री भविष्यवाणियों के मुताबिक, महा‌ऋषियों ने घोषणा की है कि वे श्री विष्‍णु के अवतार हैं। उनके शरीर में हुए 'दैवीय परिवर्तनों' और 'दैवीय प्रतीकों' से ये साबित हो चुका है कि वह साधारण मनुष्य नहीं हैं, ब‌ल्‍कि ईश्वर ही हैं।

'अठावले ही करेंगे हिंदू राष्ट्र की स्‍थापना'

Jayant Balaji Athavale the founder of Sanatan Sanstha,

वेबसाइट पर छपे आलेख में कहा गया है कि 73 वर्षीय अठावले ही वह शख्स हैं, जो हिंदू राष्ट्र की स्‍थापना करेंगे। वेबसाइट के अनुसार अठावले का जन्म रायगढ़ जिले में हुआ, उन्होंने वहां क्लि‌निकल हिप्नोथैरिपी पढ़ी और लंदन में प्रैक्टिस की। बाद में मुंबई में आ गए।

सनातन संस्‍था की ऑफिसियल वेबसाइट www.sanathan.org पर बताया गया है, '1967 से 1982 के बीच बतौर हिप्नोथैरिपिस्ट के काम करते हुए अठावले ने पाया कि 30 फीसदी लोगों पर दवाओं का असर नहीं होता। और ऐसे लोग जिन पर दवा का असर नहीं होता, उनमें से बहुत से धार्मिक स्‍थलों की यात्रा करने या पूजा-पाठ करने से ठीक हो जाते हैं।'

वेबसाइट पर बताया गया है कि ये चीजें देखकर ही अठावले अध्यात्म में डूब गए और 1987 में इंदौर के संत भक्तराज महाराज ने उन्हें 'गुरुमंत्र' दिया। 1990 में उन्होंने 'सनातन भारतीय संस्कृति संस्‍थावास' की स्‍थापना की, 1999 में इसी संस्‍था का नाम सनातन संस्‍था कर दिया गया।

विज्ञापन

'दूसरे व‌िवेकानंद हैं अठावले'

Jayant Balaji Athavale the founder of Sanatan Sanstha,

सनातन संस्‍था की ऑ‌‌फिसयल वेबसाइट अठावले को महर्षि व्यास का अवतार और दूसरा विवेकानंद मानती है।

उल्लेखनीय है कि सनातन संस्‍था के सदस्यों पर बम धमाकों में शामिल होने का दोष भी साबित हो चुका है। गैरकानूनी गतिविधियों के कारण संस्‍था सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर रही है।

2007 में ये संस्‍था पहली बार तब चर्चा में आई थी, जब‌ मुंबई एटीएस ने इसके तीन सदस्यों को शहर के कई सांस्कृतिक स्‍थलों पर बम लगाने के आरोप में पकड़ा था।

2009 में हुए मालेगांव धमाकों का आरोप भी सनातन संस्‍था पर लगा था। पुलिस का कहना है कि गोविंद पंसारे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार समीर गायकवाड़ सनातन संस्‍था का ही सदस्‍य है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed