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बाढ़ में भी बाज नहीं आए, अम्मा को बना दिया 'बाहुबली'

Mon, 07 Dec 2015 11:53 AM IST
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:53 AM IST
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jayalalithaa supporters shows her as bahubali

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और अन्य इलाकों में आई भारी बारिश और बाढ़ के बाद जैसे-जैसे जीवन पटरी पर लौट रहा है वैसे वैसे ही राहत और बचाव कार्यों का श्रेय लेने की होड़ भी मच गई है। हमेशा की तरह इसमें राजनीतिक दल और उनके नुमाइंदे ही खुद को आगे दिखाने की होड़ में लग गए हैं।

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खासकर सत्तारूढ़ एआईडीएमके समर्थकों में तो इसको लेकर अलग ही तरह की बेचैनी देखी जा रही है। बाढ़ की त्रासदी से जूझते लोगों के बीच वह अपना चेहरा चमकाने और राहत कार्यों का श्रेय लूटने में लग गए हैं।
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कुछ समर्थकों ने इसका इसका पूरा श्रेय अपनी मुखिया और राज्य की मुख्यमंत्री जे जयललिता को देना शुरू कर दिया है। इसको प्रदर्शित करने के लिए चेन्नई की सड़कों पर ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें मुख्यमंत्री जयललिता को बाहुबली फिल्मों के हीरो की तरह बाढ़ के पानी के बीच एक बच्चे को हाथ में ऊपर उठाए हुए दिखाया गया है।

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चिकित्सा शिविर के बहाने फोटो सेशन में लगे रहे मंत्री

jayalalithaa supporters shows her as bahubali

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार जब राज्य के अन्य हिस्से बाढ़ की विभिषिका से जूझ रहे थे तब राज्य के वरिष्ठ मंत्री मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र आरके नगर में अपना चेहरा चमकाने की होड़ में बाढ़ पीड़ित लोगों की संवेदनाओं का मजाक उड़ा रहे थे।

आलम ये था ‌कि जब उनसे उम्‍मीद की जा रही थी कि वे बाढ़ प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए सरकारी मशीनरी को कुछ दिशा निर्देश देंगे तब वे मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में सफाई अभियान के बहाने अपने फोटो सेशन में व्यस्‍त थे।

विद्युत मंत्री आर विश्वानाथन और उनके सहयोगियों की ओर से आरके नगर में एक चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप को लेकर मंत्रियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां पूरे चेन्नई में 708 चिकित्सक राहत ‌शिविरों में उपचार के लिए मौजूद थे उनमें से अकेले आरके नगर में 40 से ज्यादा चिकित्सकों को लगाया गया था।

चिकित्सा कैंप के बहाने मंत्री इस कदर फोटो सेशन में व्यस्त रहे कि डॉक्टर और मेडिकल के छात्र काफी देर तक इस बात का ही इंतजार करते रहे कि वो फोटो खिंचवाने बंद करें तो मरीजों का उपचार शुरू किया जा सके। मंत्रियों के इस रवैये से स्‍थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा गया, टोंडियरपेट निवासी ए रवीन्द्रन ने कहा कि उनकी हरकतों पर हमें शर्म आती है।

सोशल मीडिया पर शुरू हुआ आलोचनाओं का दौर

jayalalithaa supporters shows her as bahubali

ऐसा नहीं है यह बीमारी अकेले सत्तारूढ़ दलों के नेताओं को ही लगी हुई है बल्कि अन्य दलों में भी श्रेय लेने की होड़ मच गई है। राहत कार्यों के बीच राजनीतिक दल इन पर व्यक्तिगत छाप छोड़ने में जुट गए हैं।

वो एनजीओ और अन्य संस्‍थाओं द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों को रोककर उन्हें अपने अपने क्षेत्र में करवाने की जिद पर अड़े हुए हैं। हालांकि राज्य सरकार ने सोशल वेलफेयर मिनिस्टर बी वालमार्थी पर लगे उन आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया जिसमें उनके द्वारा एक आईटी कंपनी के प्रमुख द्वारा भेजी गई मदद को रोकने के आरोप लगे थे। हालांकि कंपनी ने भी इसमें किसी समस्या से इंकार कर दिया था।
 
वहीं बाहूबली वाले पोस्टर के साथ ही मुख्यमंत्री जयललिता सोशल मीडिया के निशाने पर भी आ गई हैं, जहां उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

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