जीएसटी पर जयललिता देंगी मोदी का साथ
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संसद में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से उनके पोएस गार्डेन आवास पर मुलाकात की।
मोदी सरकार के आर्थिक सुधार से जुड़े विधेयकों को पास कराने में विपक्ष की ओर से पैदा की जा रही अड़चन को देखते हुए दोपहर के भोज पर हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
आवास पर प्रधानमंत्री का शानदार स्वागत करने से पहले जयललिता ने हवाईअड्डे पर मोदी की अगवानी की। पिछले दिनों पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के अंतिम संस्कार में जया के शामिल नहीं होने और राज्य में भी अपेक्षाकृत उनकी कम सक्रियता के कारण ये कयास लगाए जा रहे थे कि वह अस्वस्थ हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर मोदी की अगुवाई कर उन्होंने इस रहस्य से पर्दा हटा दिया है।
कई मसलों पर हुई चर्चा
गौरतलब है कि ‘ललितगेट’ और व्यापम घोटाले के मसले पर विपक्ष खासकर कांग्रेस के हंगामे के कारण मानसून सत्र में अब तक संसद सुचारु रूप से नहीं चल पाई है।
माना जा रहा है कि मोदी के साथ मुलाकात में जयललिता ने जीएसटी विधेयक, श्रीलंका में तमिलों की समस्या और कर्नाटक व केरल के साथ नदी जल के बंटवारे के मसले पर चर्चा की।
करीब 50 मिनट की इस मुलाकात में जया ने पीएम को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने जीएसटी के मसले पर चर्चा के दौरान इसे लागू करने पर राज्य की स्वायत्तता प्रभावित होने और राजस्व के संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई।
भूमि बिल का भी समर्थन!
उन्होंने पीएम से कहा कि जीएसटी लागू किए जाने से तमिलनाडु जैसे मैन्यूफैक्चरिंग आधारित राज्यों को नुकसान होगा। सूत्रों ने बताया कि एआईएडीएमके की प्रमुख ने पीएम को भोज पर आमंत्रित किया था, जिसे पीएम ने स्वीकार कर लिया।
मोदी सरकार के विवादित भूमि अधिग्रहण विधेयक का मोटे तौर पर एआईएडीएमके ने समर्थन किया है। हालांकि, जयललिता ने इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किए जाने से पहले किसानों के हित में कुछ बदलाव करने को कहा था। एआईएडीएमके के लोकसभा में 37 और राज्यसभा में 11 सांसद हैं।