सजा सुनते ही जयललिता की तबियत खराब
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे। जयललिता को चार साल की सजा सुनाई गई है। उन पर सौ करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
1996 के इस मामले में जयललिता के साथ उनकी सहयोगी शशिकला, उनके दत्तक पुत्र सुधाकरन (जिन्हें उन्होंने बाद में त्याग दिया) और शशिकला को भी चार साल की सजा सुनाई गई है।
बाकी तीनों अभियुक्तों पर दस करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष सरकारी वकील भवानी सिंह ने बीबीसी से कहा, "वे कर्नाटक हाई कोर्ट से जमानत मांग सकती हैं।"
फैसले के बाद जयललिता के भावुक समर्थक प्रदेशभर में सड़कों पर उतर आए।
हुई तबियत खराब
जेल की सजा सुनाए जाने के फौरन बाद जयललिता ने खराब तबियत की शिकायत की जिसके बाद उन्हें मेडिकल चैकअप के लिए ले जाया गया।
विपक्षी पार्टी डीएमके के नेता एम करुणानिधी और भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के घरों पर समर्थकों ने हमला कर दिया।
जयललिता के समर्थकों ने उनके पॉयस गार्डन स्थित आवास के पास खडे़ पत्रकारों पर भी हमला कर दिया। तमिलनाडु के राज्यपाल के. रोसैय्या ने अधिकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है।
बंगलौर की एक विशेष अदालत ने शनिवार को ही जयललिता और उनके तीन सहयोगियों को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिया था।
जयललिता के ऊपर 18 साल पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला तब दर्ज हुआ था जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं। अब वह तीसरी बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री हैं।
अदालत के फैसले के बाद जयललिता की विधानसभा सदस्यता भी स्वतः खत्म हो गई है। अब उनकी आल इंडिया अन्नाद्रमुक पार्टी को नया नेता चुनना होगा।