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दाऊद के समधी मियांदाद नहीं आएंगे भारत

Fri, 04 Jan 2013 09:37 PM IST
नई दिल्ली/लाहौर/ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली/लाहौर/ब्यूरो/एजेंसी Updated Fri, 04 Jan 2013 09:37 PM IST
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javed miandad will not come india to watch india pak odi in delhi

1993 के मुंबई धमाकों के सिलसिले में भारत में वांछित दाऊद इब्राहिम के समधी और पूर्व पाक क्रिकेटर जावेद मियांदाद को वीजा देने के मामले ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। बढ़ते सियासी घमासान के चलते जावेद ने खुद ही 6 जनवरी को दिल्ली में होने वाला भारत-पाक वनडे देखने के लिए भारत नहीं आने का फैसला किया है।

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अधिकारी का कहना है कि पीसीबी नहीं चाहता कि लोगों का ध्यान खेल से हटकर अन्य मुद्दों की तरफ जाए। हालांकि सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने एक बार फिर साफ किया कि मियांदाद को वीजा देने का यह मतलब नहीं है कि दाऊद के प्रति सरकार के नजरिए में बदलाव हो गया है।
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भले ही मियांदाद ने खुद आने से इन्कार कर दिया है। मगर सवाल यह खड़ा हो गया है कि गृह मंत्रालय ने आखिर कैसे उन्हें वीजा देने को हरी झंडी दी। मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने मियांदाद को वीजा दिया।
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वीजा देने पर उठे सवालों से परेशान सरकार को बहरहाल मियांदाद के दौरा रद्द करने से राहत मिली है। हालांकि सरकारी सूत्रों ने बताया कि क्रिकेट विश्व कप के दौरान मई 2011 में भी मियांदाद को भारत आने का वीजा दिया गया था। तब कोई ऐतराज नहीं जताया गया था, हालांकि तब भी वह नहीं आए थे।

इसलिए बढ़ा दबाव
मियांदाद को वीजा देने के चलते देशभर में सियासी विवाद खड़ा हो गया था। भाजपा ने कहा था कि एक अपराधी के समधी का स्वागत करने के लिए सरकार इतनी बेताब क्यों है, तो शिवसेना और भाकपा ने भी फैसले का विरोध किया था। विवाद तब और गहरा गया जब कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल ने खुद सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इससे जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। मियांदाद के बेटे जुनैद ने दाऊद की बेटी महारुख के साथ वर्ष 2005 में निकाह किया था।


मियांदाद के खिलाफ सीधा मामला नहीं
दौरे को लेकर तय हुई शर्तों के मुताबिक जो व्यक्ति बीसीसीआई द्वारा आमंत्रित होगा या जिसके पास मैच का टिकट होगा उसे ही वीजा दिया जाएगा। बशर्ते उसके खिलाफ आपराधिक मामला नहीं हो। मियांदाद भले ही मोस्ट वांटेड अपराधी के समधी हों मगर उनके खिलाफ कोई सीधा मामला नहीं है।

मैंने वीजा नहीं दिया है। मंत्रालय के अधिकारियों और उच्चायोग ने मियांदाद को वीजा दिया होगा। -- सुशील कुमार शिंदे, गृह मंत्री

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