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फिर गरमाई जाट आरक्षण की राजनीति

Tue, 19 Mar 2013 12:19 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 19 Mar 2013 12:19 AM IST
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jat reservation politics again rise

जाट समुदाय को आरक्षण मामले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

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आरक्षण के समर्थन में सोमवार को नई दिल्ली में हुई रैली के बीच सांसद दीपेंद्र हुड्डा, जयंत चौधरी और पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने जहां प्रधानमंत्री से मुलाकात की, वहीं भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने राज्य सभा में इस मामले को उठाया। नकवी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जाटों का आरक्षण देने का अपना वादा पूरा करे।

प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात में इन सांसदों ने पूरे मामले में उनसे हस्तक्षेप की मांग की। इन लोगों ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने जाटों को आरक्षण के मामले में नए सिरे से विचार करने का आश्वासन दिया था। कुछ ऐसा ही भरोसा सरकार ने भी दिलाया था। इसलिए अब प्रधानमंत्री को पूरे मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
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बाद में जयंत ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि वह इस लड़ाई को अंतिम अंजाम तक पहुंचाएंगे। रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी प्रधानमंत्री के रुख को सकारात्मक बताया।
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उधर, राज्य सभा में इस मामले को भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने जोर शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि दो साल पहले हुए आंदोलन के बाद सरकार ने जाटों को आरक्षण की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था।


नकवी ने कहा कि मांगे पूरी नहीं होने के कारण हरियाणा, पश्चिमी  उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के जाट फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार का यही रुख रहा तो यह आंदोलन फिर से उग्र रूप धारण कर सकता है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह जाट समुदाय से किए गए अपने वादे को पूरा करे।

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