भारत में जापानी सेटेलाइट कर रहा था शिंजो की निगहबानी
तीन दिनी भारत यात्रा पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे की निगरानी जापान के इंटेलीजेंस गैदरिंग सेटेलाइट से की जा रही थी। जमीन से आसमान तक सुरक्षा के लंबे-चौड़े तामझाम के साथ ही सेटेलाइट के जरिये जापानी सुरक्षा एजेंसियों की नजर यहां पीएम की यात्रा से जुड़ी हर गतिविधि पर थी।
शनिवार की शाम जब पीएम मोदी के साथ जापानी पीएम काशी आए तो सेटेलाइट को अलर्ट मोड पर कर दिया गया था। 4.53 घंटे तक यहां उनके ठहराव और प्रस्थान तक हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पूरी बारीकी से नजर रखी गई। जापानी सुरक्षा एजेंसियों के जरिये काशी के आसपास से गुजरने वाले हवाई जहाज की पूरी लिस्ट यहां सुरक्षा में तैनात सेना को दी गई थी।
यह भी तय था कि आयोजन के दौरान सेटेलाइट के जरिये जैसे किसी टोही विमान के नो फ्लाईजोन या उसके आसपास से गुजरने की सूचना मिले तो उसे तत्काल मार गिराया जाए।
रखी जा रही थी हरेक गतिविधि पर नजर
शिंजो अबे के जापान का प्रधानमंत्री बनने से पूर्व जापान के पास सिर्फ दो इंटेलीजेंस गैदरिंग सेटेलाइट थे। चीन और उत्तर कोरिया से खतरे के मद्देनजर जापान ने पिछले साल अमेरिका से करार के बाद छह और इंटेलीजेंस गैदरिंग सेटेलाइट हासिल किए।
इन आठ अत्याधुनिक इंटेलीजेंस गैदरिंग सेटेलाइट के जरिए जापान पूरे एशिया पर नजर रख सकता है। शिंजो के भारत दौरे पर आने से पूर्व जापानी सेना की वहां के रक्षा मंत्री के साथ बैठक हुई थी।
चीन से लगी भारत की सीमाओं को देखते हुए जापानी सेना इस दौरे को लेकर विशेष सतर्क थी। आईएस के बढ़ते खतरों और जासूसी की आशंकाओं को लेकर जमीन से आसमान तक सुरक्षा के फुलप्रूफ इंतजाम के बावजूद इंटेलीजेंस गैदरिंग सेटेलाइट से निगरानी की गई ताकि किसी भी सूरत में कहीं कोई चूक न होने पाए।
सेटेलाइट के जरिये प्राप्त होने वाले इनपुट यहां पीएम की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात भारत और जापान के उच्चाधिकारियों को तत्काल भेजे जा रहे थे।