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बुलेट ट्रेन परियोजना को हरी झंडी देंगे शिंजो आबे

Fri, 11 Dec 2015 08:50 PM IST
Updated Fri, 11 Dec 2015 08:50 PM IST
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japan's prime minister will give green signal to bullet train

भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे देश में तेज रफ्तार की ट्रेन के परिचालन का सपना पूरा करेंगे। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच शनिवार को होने वाले वार्षिक सम्मेलन में अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन की परियोजना करार की जमीन तैयार कर ली है।

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इस करार के तहत 98000 करोड़ की इस परियोजना के 80 फीसदी राशि 1 फीसदी वार्षिक ब्याज के दर से भारत को उपलब्ध कराएगा। आबे के इस दौरे में भारत की निगाहें असैन्य परमाणु करार के साथ-साथ जल और स्थल में समान रूप से प्रयोग आने वाले यूएस-2 एम्फीबियस विमान सौदे पर भी टिकी है।
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माना जा रहा है कि इस दोनों मामले में करार तो नहीं होगा, मगर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी। जापानी प्रधानमंत्री इस दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क और ढांचागत क्षेत्र के विकास के लिए पैकेज की भी घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग की नई संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

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गंगा आरती का करेंगे दीदार

japan's prime minister will give green signal to bullet train

आबे शनिवार को ही दोपहर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वाराणसी रवाना होंगे। वहां दोनों देशों के पीएम दश्वाश्वमेघ घाट पर गंगा आरती का दीदार करेंगे। इस दौरान वाराणसी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौते को अमली जामा पहनाया जाएगा। शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे आबे का हवाई अड्डे पर वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने स्वागत किया।

पीएम मोदी ने ट्विट के जरिए आबे का स्वागत करते हुए कहा कि इस दौरे से भारत-जापान के द्विपक्षीय संबंधों को नए सिरे से मजबूती मिलेगी। हैदरबाद हाउस में होने वाले वार्षिक सम्मेलन से पहले ही दोनों देशों के बीच मुंबई-अहमदाबाद परियोजना पर करार की जमीन तैयार कर ली गई है।

जापान इस परियोजना की व्यवहारिकता रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली है। सूत्रों का कहना है कि सम्मेलन में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच असैन्य परमाणु करार, यूएस-2 एम्फीबियस विमान सौदे पर खास बातचीत होगी। हालांकि इस पर अंतिम सहमति तो नहीं बनेगी, मगर बीते करीब 5 साल से जारी बातचीत अपने अंतिम दौर में पहुंचेगी।

सूत्रों का कहना है कि चूंकि जापान ने महज नागरिकों के काम आने केलिए ही दूसरे देशों को आपूर्ति करने संबंधी अपने कानून में संशोधन किया है, इसलिए यूएस-2 विमान सौदा की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है। हालांकि इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में कई समझौतों पर मुहर लगनी तय है।

पूर्वोत्तर राज्यों को पैकेज

japan's prime minister will give green signal to bullet train

जापान शनिवार को पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए पैकेज पर अपनी सहमति देगा। गौरतलब है कि इससे पहले जापान ने पीएम मोदी के दौरे से पहले इस पर अपनी सहमति दी थी। मगर तब चीन की नाराजगी जताने के बाद जापान ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे। सूत्रों का कहना है कि अब जापान पूर्वोत्तर के बोर्डर इलाकों को छोड़ कर अन्य इलाकों के सड़क और ढांचागत विकास के लिए पैकेज देने के लिए राजी हो गया है।

भारत सालों से जापान से जल और स्थल पर समान रूप से इस्तेमाल होने वाले इस विमान को हासिल करने का प्रयास कर रहा है। मुश्किल यह है कि यह बहुत महंगा है। इसके अलावा जापान इसे केवल नागरिक इस्तेमाल के ही देना चाहता है। पीएम मोदी ने अपने जापान दौरे में इस तरह के दो विमान देने और बाकी 8 विमानों के कलपुर्जे देने का आग्रह किया था। हालांकि तब बात नहीं बनी।

विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि जापान ने रक्षा से जुड़े निर्यात कानून में संशोधन किया है। इसलिए इस बार इस पर बात बन सकती है। हालांकि चीन नहीं चाहता कि जापान भारत को यूएस-2 विमान दे। वार्षिक सम्मेलन में शनिवार को हिस्सा लेने के तत्काल बाद आबे पीएम मोदी के साथ वाराणसी रवाना हो जाएंगे। यहां वाराणसी को क्योटो की तर्ज पर स्मार्ट सिटी बनाने संबंधी समझौते पर दोनों पीएम के बीच खास बातचीत होगी। आबे रविवार को स्वदेश रवाना हो जाएंगे।

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