फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Jamaat-ud-Dawa backs Lashkar-e-Taiba, tweets praise for Pampore attack.

लश्कर के समर्थन में जमात, दी बधाई

Tue, 23 Feb 2016 05:31 PM IST
Updated Tue, 23 Feb 2016 05:31 PM IST
विज्ञापन
Jamaat-ud-Dawa backs Lashkar-e-Taiba, tweets praise for Pampore attack.

करीब 15 साल बाद पहली बार पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के नेताओं ने लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन में ट्वीट किया है।

विज्ञापन


सार्वजनिक तौर पर किया गया ये ट्वीट पांपोर में हुए आतंकी हमले को लेकर बधाई दी है। आतंकियों द्वारा किया गया ये हमला 48 घंटे तक चला था।

इस हमले में तीन सैन्य जवान और दो केंद्रीय पुलिस के जवान शहीद हो गए थे। करीब दर्जन भर लोग घायल भी हुए। बता दें कि 26/11 हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जमात-उद-दावा पर पाबंदी लगा दी थी।

लश्कर को जमात उद दावा का समर्थन

Jamaat-ud-Dawa backs Lashkar-e-Taiba, tweets praise for Pampore attack.

जमात उद दावा के सोशल मीडिया सेल के मुखिया तहा मुनीब ने सोमवार सुबह कई ट्वीट्स किए। इसमें कहा गया कि भारतीय सिपाहियों को लश्कर-ए-तैयबा के कश्मीरी मुजाहिदीनियों ने जहन्नुम में भेज दिया।

मुनीब ने भारतीय सेना पर कई और हमले की धमकी दी। एक और ट्वीट में कहा गया कि अगर अपने युवा कैप्टन को बचाना चाहते हैं तो 'कश्मीर छोड़ना' ही सबसे आसान हल है।

मुनीब ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर कश्मीर को छोड़ा नहीं गया तो भारत के विनाश को कोई नहीं रोक सकता।

एक और ट्वीट में कहा गया कि हम लश्कर-ए-तैयबा का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। कश्मीर छोड़ दो और अपनी डरी हुई सेना को लश्कर-ए-तैयबा के कश्मीरी मुजाहिदीनियों से बचा लो।

विज्ञापन
विज्ञापन

जमात उद दावा के सोशल मीडिया सेल के मुखिया का ट्वीट

Jamaat-ud-Dawa backs Lashkar-e-Taiba, tweets praise for Pampore attack.

जमात उद दावा के सोशल मीडिया सेल के मुखिया तहा मुनीब ने हालांकि ऐसा कोई जवाब नहीं दिया कि आखिर लश्कर सीधे तौर पर इसमें शामिल है, हालांकि अधिकारियों ने जमात के नेताओं के इसमें शामिल होने का जिक्र किया है।

इन ट्वीट्स के जरिए ये भी बताने की कोशिश की गई है कि लश्कर की योजना इस्लामिक स्टेट के खोरासन विंग और अल-कायदा के खिलाफ भारतीय उपमहाद्वीप में जंग का ऐलान किया है।

दरअसल दोनों ही संगठन इस क्षेत्र में लगातार अपने कैडर बढ़ाते जा रहे हैं। अपने ऑनलाइन प्रचार में इन नए संगठनों ने लश्कर पर इस्लाम के लिए नहीं बल्कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन

पांपोर हमले में 5 जवान शहीद

Jamaat-ud-Dawa backs Lashkar-e-Taiba, tweets praise for Pampore attack.

साल 2002 में जब जनरल परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व में सैन्य शासन संभाला गया, उस समय संसद भवन पर हुए हमले के बाद भारत पर हमले की आशंका जताई गई। उसके बाद जमात-उद-दावा, मरकद दावा के नाम से जाना लगा था। हालांकि उसके लश्कर से कोई संपर्क नहीं मिले थे।

हालांकि अब पांपोर हमले में जमात के समर्थन के बाद एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही राजनयिक बातचीत प्रभावित हो सकती है। जो पठानकोट हमले के बाद से बंद पड़ी हुई है। दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश नीति के सलाहकार सरताज अजीज ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान बातचीत चाहता है, इसीलिए पठानकोट की साजिश रचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।

अपनी बात के समर्थन के लिए अजीज ने कहा कि पाकिस्तान से तीन फोन मिले हैं जिनके बारे में भारतीय जांच एजेंसियों ने कहा था कि पठानकोट हमलावर लगातार जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर के संपर्क में थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed