एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे, चीख-पुकार
अमृतसर से टाटा नगर जा रही जलियांवाला बाग एक्सप्रेस के तीन डिब्बे शुक्रवार की रात तकरीबन सवा 11 बजे पटरी से उतर गए। हादसा मुरादाबाद के कटघर रेलवे स्टेशन के पास रामगंगा पुल के पास हुआ। जो डिब्बे पटरी से उतरे उनमें एक एसी थ्री टीयर कोच बी-1, स्लीपर क्लास कोच एस-10 और एस-11 शामिल हैं।
हादसे में एसी कोच में यात्रा कर रहे चार-पांच यात्री मामूली तौर पर घायल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए थे। तीन दिन पूर्व मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच के सामने कोयले से लदी एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद ट्रेन के पटरी से उतरने की यह दूसरी घटना है।
हादसे की वजह से मुरादाबाद-लखनऊ रूट पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। खबर लिखे जाने तक एसी कोच को काट कर ट्रेन को आगे ले जाने की तैयारी चल रही थी। रेलवे ने घटनास्थल से निकट के स्थानों को जाने वाले यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था की थी।
डिब्बों को घसीटती रही ट्रेन
जलियांवाला बाग एक्सप्रेस के तीन कोच पटरी से उतर चुके थे लेकिन ड्राइवर को इस बात का अहसास तक नहीं हुआ। पटरी से उतरे डिब्बों को ट्रेन घसीटे ले जा रही थी। ऐसे में इन डिब्बों में सवार यात्रियों को मौत साफ नजर आने लगी।
यात्रियों का कहना था उन्होंने तीनों कोच में एक साथ चेन पुलिंग की तब जाकर ट्रेन रुकी। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार कम थी और एक डिब्बे को छोड़ बाकी डिब्बे पुल को पार कर चुके थे, डिब्बे पुल के ऊपर पटरी से उतरते तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। एसी थ्री टीयर बी वन कोच में सवार यात्रियों का कहना है कि एसी बी वन और एस- 10 व एस 11 एक-एक अचानक तेज झटके के साथ पटरी से उतरे।
पहले तो यात्रियों ने समझा कि ट्रेन पुल को क्रास कर रही है इसलिए ये झटके महसूस हुए हैं। लेकिन जब ट्रेन के ये तीनों तिरछा होकर डिब्बे दौड़ने के बजाए घिसटने लगे और तेज आवाज होने लगी तो यात्रियों में दहशत फैल गई। यात्रियों को समझते देर नहीं लगी कि ट्रेन पटरी से उतर चुकी है।
तीनों कोच के यात्रियों ने चेन पुलिंग की। लेकिन रुकते रुकते पटरी से उतरे डिब्बे काफी दूर तक घिसट चुके थे। जिसकी वजह से पटरी से चिंगारियां उठने लगीं और डाउन लाइन का ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हो गया। पटरी से उतरे डिब्बों ने सिंग्नल पोल को भी तोड़ डाला। ट्रेन रुकने के काफी देर बाद भी यात्रियों के चेहरों पर खौफ तैरता रहा। उधर, हादसे के बाद ठप हुए मुरादाबाद-लखनऊ रेल ट्रैक को सुचारू करने के लिए रात में ही डाउन ट्रैक की मरम्मत के लिए रेलवे के इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंच गई थी।
पटरियां जोड़ी, ट्रेनों का संचालन शुरू
मुरादाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर तीन, चार और पांच पर शुक्रवार को ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। बुधवार को प्लेटफार्म नंबर पांच के यार्ड पर माल गाड़ी पलट गई थी, जब से तीनों ट्रैक बाधित थे।
संचालन शुरू होते ही ट्रेनों की लेटलतीफी भी कम हो गई है। शुक्रवार को डीआरएम प्रमोद कुमार, एडीआरएम हितेंद्र मल्होत्रा, सीनियर डीसीएम पुष्पराज सुबह से ही साइट पर मौजूद थे। सबसे पहले तीन नंबर प्लेटफार्म का ट्रैक तैयार हुआ।
ट्रैक तैयार होते ही शहीद एक्सप्रेस, सियालदाह, पंजाब डुप्लीकेट, दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस आदि ट्रेनों को इसपर चलाया गया। इसके बाद शाम को करीब पांच बजे प्लेटफार्म नंबर चार का ट्रैक तैयार हुआ, जिसके बाद इसपर भी ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। पांच नंबर का ट्रैक 50 मीटर दूरी तक उखड़ा हुआ था, जिसकी वजह से इसे तैयार करने में रात हो गई।
सूत्रों के मुताबिक देर रात प्लेटफार्म नंबर पांच से भी ट्रेनों का आवागमन शुरू हो गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक तीनों ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद काफी राहत मिलेगी। शनिवार को ट्रेनों का संचालन तो सामान्य रहेगा ही, निरस्त ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
एक दर्जन ट्रेनें निरस्त, यात्री बेहाल
मुरादाबाद जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर बुधवार को पटरी से उतरी माल गाड़ी की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें निरस्त हुई हैं, जिसकी वजह से दिल्ली और बरेली रूट के यात्रियों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
शुक्रवार को गाड़ी संख्या 54078-77 मुरादाबाद से चंदौसी, 54312-11 मुरादाबाद बरेली, 54463-64 बूंदी से ऋषिकेश, 53091-92 चंदौसी से मुरादाबाद, 53094-95 मुरादाबाद से गजरौला, 15508 काशी से मुरादाबाद, 55111 मुरादाबाद से काशी, 55301 मुरादाबाद से कांठ, 55310 कांठ से मुरादाबाद, 55312 गजरौला से मुरादाबाद, 54307 मुरादाबाद से दिल्ली, 54308 दिल्ली से मुरादाबाद सहित एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें शुक्रवार को निरस्त रहीं।
मुरादाबाद-संभल के बीच अभी हाल ही में शुरू हुई डीएमओ ट्रेन भी नहीं चली, जिसकी वजह से दिल्ली, चंदौसी, बरेली आदि रूटों पर प्रति दिन चलने वाले यात्रियों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को मंजिल तक पहुंचने के लिए बसों का सहारा लेना पड़ा। वहीं 15910 अवध असम एक्सप्रेस, 15212 जन नायक, 15057 गोरखपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस शुक्रवार को अपने निर्धारित समय से 15 मिनट देरी से जंक्शन पर पहुंची।