शामत के लिए तैयार रहें कालाधन रखने वाले : जेटली
सरकार का कहना है कि वह कुछ अन्य देशों के साथ मिलकर रीयल टाइम ग्लोबल ऑटोमेटिक एक्सचेंज बनाने की दिशा में अग्रसर है और इसके बन जाने के बाद देश में काला धन रखनें वालों की शामत आ जाएगी।
नेटवर्किंग दि नेटवर्क्स विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सोमवार को केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया कि एक-दो साल के बाद यहां काला धन रखना बेहद कठिन हो जाएगा क्योंकि उनकी शामत आने वाली है। ऐसे लोगों की शामत आने की वजह रीयल टाइम ग्लोबल ऑटोमोटिक एक्सचेंज का निर्माण होगा।
इसमें विभिन्न देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान होगा। इस दिशा में जी 20 देशों ने काम शुरू कर दिया है जबकि अन्य अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां भी इस ओर कदम बढ़ा रही हैं।
उन्होंने बताया कि अब ऐसा समय आ गया है जबकि बेहद कम समय में ही कई देशों में पैसों का हस्तांतरण हो सकता है। लेकिन ऐसी स्थिति में भी सूचना के मजबूत तंत्र से पार पाया जा सकता है। इसलिए इसी तरह के तंत्र बनाने की पहल हो रही है।
एशियाई देशों के बीच नहीं होगा कालाधन ट्रांसफर
इसी दौरान उन्होंने बताया कि दक्षिण एशियाई देशों के बीच एक क्षेत्रीय आसूचना समन्यवय केन्द्र बनाने की बात हो रही है ताकि इन देशों के बीच कालाधन इधर से उधर नहीं किया जा सके।
इनमें भारत के अलावा नेपाल, भूटान, म्यांमार, बंगला देश, श्रीलंका और मालदीव शामिल हो सकते हैं।
केन्द्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया का कहना है कि यह केन्द्र एक बार काम करने लगे, उसके बाद किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत और पुख्ता सूचना मिलेगी।