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'राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल ना दे केंद्र'

Wed, 04 Dec 2013 01:35 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 04 Dec 2013 01:35 AM IST
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jaitley slams govt on communal violence bill issue

संसद में सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम बिल के पेश होने की चर्चा के बीच भाजपा इसके खिलाफ मैदान में उतर आई है।

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कांग्रेस को आगाह करते हुए भाजपा ने कहा कि केंद्र को राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि महंगाई व भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से भाग रही कांग्रेस लोकसभा चुनाव निकट देख वोट बैंक बढ़ाने के लिए ही यह विधेयक लाना चाहती है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने इस विधेयक की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह अत्यंत भेदभावपूर्ण है क्योंकि यह जन्म के निशान के आधार पर अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों के बीच भेदभाव करता है।
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उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य के विषय हैं इसलिए संसद में इस तरह का कानून बनाना राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करना जैसा होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के दो साल पहले तैयार विधेयक के मसौदे को सलाह मशविरे के लिए इंटरनेट पर डाला गया है।
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राष्ट्रीय एकता परिषद की 2011 में हुई बैठक में पार्टी विचारधारा से ऊपर उठकर मुख्यमंत्रियों ने इस आधार पर विधेयक का विरोध किया था कि यह संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है।


जेटली ने कहा कि ऐसा लगता है कि लोकसभा चुनावों से पहले सांप्रदायिक आधार पर देश का ध्रुवीकरण करने के मकसद से केंद्रीय गृह मंत्रालय एक बार फिर इस विधेयक को लेकर सक्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मसौदा विधेयक का कड़ा विरोध जता चुकी हैं।

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