गृह मंत्रालय ने लिया अजीबोगरीब फैसला, जेटली नाराज
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने गृह मंत्रालय के उस फैसले पर नाराजगी जताई है जिसमें मंत्रालय ने सन टीवी नेटवर्क की कम्पनियों को सुरक्षा देने से इंकार कर दिया है।
जेटली ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भेजे गए पत्र में पूछा है कि यह फैसला क्यों लिया गया है।
सन टीवी नेटवर्क ग्रुप की कम्पनियों के सुरक्षा का मामला पिछले महीने उठा था जब कम्पनी ने अपने रेडियों चैनल को फेज 2 से फेज 3 के अंतर्गत स्थानांतरण के लिए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था।इस नवीनीकरण के लिए गृह मंत्रालय से दोबारा सुरक्षा मंजूरी चाहिए होती है।
मंत्रालय ने गृह सचिव को भेजा पत्र
जेटली ने राजनाथ सिंह से कहा है कि मंत्रालय अपने फैसले की समीक्षा करे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव विमल जुल्का ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में गृह सचिव को पत्र लिखा है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्री के पत्र का जवाब शीघ्र भेजा जाए।
गृह मंत्रालय ने जवाब में कहा है कि अगर सुरक्षा से संबंधित यह फैसला निरस्त नही किया जाता तो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय रेडियो के लाइसेंस रद्द कर सकता है।
इस संदर्भ में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को मद्रास हाईकोर्ट के फैसले की नजीर दी है, जिसमें कोर्ट ने मंत्रालय के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें उन्होंने मल्टी सिस्टम ऑपरेटर का केबल लाइसेंस रद्द कर दिया था।
गृहमंत्रालय की वजह से हो रही है देरी
बताते चले कि सन टीवी नेटवर्क कलानिधि मारन का है, जो पूर्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री मुरोसली मारन के लड़के हैं। इस ग्रुप के अंतर्गत 45 रेडियो स्टेशन चलते है, जो सूर्यन एफएम के नाम से प्रचलित है, वहीं बाकी देश में रेड एफएम भी इसी कम्पनी का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार रेडियो चैनलों के फेज 3 में स्थानांतरित होने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मंजूरी देने में देर की जा रही है।