फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   jaitley asked his question to Home Minister

गृह मंत्रालय ने लिया अजीबोगरीब फैसला, जेटली नाराज

Wed, 13 May 2015 10:37 PM IST
Updated Wed, 13 May 2015 10:37 PM IST
विज्ञापन
jaitley asked his question to Home Minister

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने गृह मंत्रालय के उस फैसले पर नाराजगी जताई है जिसमें मंत्रालय ने सन टीवी नेटवर्क की कम्पनियों को सुरक्षा देने से इंकार कर दिया है।

विज्ञापन


जेटली ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भेजे गए पत्र में पूछा है कि यह फैसला क्यों लिया गया है।

सन टीवी नेटवर्क ग्रुप की कम्पनियों के सुरक्षा का मामला पिछले महीने उठा था जब कम्पनी ने अपने रेडियों चैनल को फेज 2 से फेज 3 के अंतर्गत स्थानांतरण के लिए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था।इस नवीनीकरण के लिए गृह मंत्रालय से दोबारा सुरक्षा मंजूरी चाहिए होती है।
विज्ञापन

मंत्रालय ने गृह सचिव को भेजा पत्र

jaitley asked his question to Home Minister

जेटली ने राजनाथ सिंह से कहा है कि मंत्रालय अपने फैसले की समीक्षा करे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव विमल जुल्का ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में गृह सचिव को पत्र लिखा है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्री के पत्र का जवाब शीघ्र भेजा जाए।

गृह मंत्रालय ने जवाब में कहा है कि अगर सुरक्षा से संबंधित यह फैसला निरस्त नही किया जाता तो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय रेडियो के लाइसेंस रद्द कर सकता है।

इस संदर्भ में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को मद्रास हाईकोर्ट के फैसले की नजीर दी है, जिसमें कोर्ट ने मंत्रालय के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें उन्होंने मल्टी सिस्टम ऑपरेटर का केबल लाइसेंस रद्द कर दिया था।

गृहमंत्रालय की वजह से हो रही है देरी

jaitley asked his question to Home Minister

बताते चले कि सन टीवी नेटवर्क कलानिधि मारन का है, जो पूर्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री मुरोसली मारन के लड़के हैं। इस ग्रुप के अंतर्गत 45 रेडियो स्टेशन चलते है, जो सूर्यन एफएम के नाम से प्रचलित है, वहीं बाकी देश में रेड एफएम भी इसी कम्पनी का हिस्सा है।

सूत्रों के अनुसार रेडियो चैनलों के फेज 3 में स्थानांतरित होने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मंजूरी देने में देर की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed