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कोयला मंत्री के बयान पर महिलाएं भड़कीं, प्रदर्शन

Wed, 03 Oct 2012 12:50 AM IST
कानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 Oct 2012 12:50 AM IST
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Jaiswal triggers controvery over sexist remark
कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में विरोधियों का चौतरफा विरोध झेल रहे कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल फिर एक नए विवाद में घिर गए हैं। अपने जन्मदिन के मौके पर रविवार को कवि सम्मेलन में जायसवाल ये कह गए कि जैसे-जैसे समय बीतता है पत्नी पुरानी हो जाती है, क्यों फिर वो मजा नहीं रहता। तमाम संगठन उनके खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं।
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मंत्री की टिप्पणी से आहत महिलाएं मंगलवार को सड़कों पर उतर पड़ीं और जायसवाल के पोस्टर पर कालिख पोती और मुर्दाबाद के नारे लगाए। श्रीप्रकाश का पुतला फूंकने के बाद ऐलान किया गया कि उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर न किया गया तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। उनका बयान महिला समाज पर हमला है।
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महिला संगठनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इतने बड़े पद पर बैठे श्रीप्रकाश जायसवाल के मुंह से ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं। ये विवाह जैसी संस्था और विवाहिताओं पर भद्दा कटाक्ष है। आकांक्षा नारी सेवा समिति ने कहा, मंत्री जी बताएं कि ‘मजा’ से उनका आशय क्या है? संगठनों का कहना है कि वे जायसवाल के इस आचरण की शिकायत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से करेंगी।
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गौरतलब है कि किदवई नगर स्थित केके गर्ल्स कॉलेज में कवि सम्मेलन में श्रीप्रकाश जायसवाल बोले-‘...चाहता था कि एक-दो घंटे का समय पास हो जाए, पास हो गया। और इसका नतीजा भी अच्छा रहा कि भारत जीत गया (टी-20 मैच) और लोग उत्साहित हैं। कवि और शायर भी उत्साहित हैं। नई-नई जीत और नई-नई शादी, दोनों का अलग-अलग महत्व होता है। जैसे-जैसे समय बीतता है, जीत पुरानी होती जाएगी। जैसे-जैसे समय बीतता है पत्नी पुरानी हो जाती है, क्यों अंबर जी-फिर वो मजा नहीं रहता है।’

यह सुनकर एक बारगी तो वहां मौजूद श्रोता और कवि-शायर भी सन्नाटे में आ गए। कानाफूसी उसी वक्त शुरू हो गई कि मंत्री जी ये क्या कह गए? सार्वजनिक मंच से ऐसा कहना क्या उन्हें शोभा देता है?

जायसवाल ने दी सफाई
जायसवाल ने सफाई दी है कि उनकी बात भारत-पाकिस्तान की जीत के संदर्भ में कही गई थी, जबकि इसे संदर्भ को हटाकर दिखाया गया। इसके चलते विवाद पैदा हो गया। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं का अपमान के बारे में सपने में नहीं सोच सकते। उनकी बात को कांट छांट दिखाया गया। अगर फिर भी किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते है।

जायसवाल ने कहा है कि जब कवि सम्मेलन शुरू हो रहा था तो उसी समय पाकिस्तान पर भारतीय क्रिकेट टीम की जीत की खबर आई तो मैंने ही कहा कि कवि सम्मेलन 15 मिनट रोक दिया जाए और लोग जीत का जश्न मना लें। उस समय मैंने कहा था कि जीत और नई शादी का जश्न तुरंत मनाते हैं। क्योंकि शादी पुरानी हो जाती है तो जश्न मनाने का मजा नहीं आता। मैंने जीत के संदर्भ में यह बात कही थी। उस संदर्भ को अलग करके उनकी बात को पेश किया गया। इसी के चलते गलतफहमी बढ़ी और इस पर ऐतराज किया गया।

मंत्री की ठिठोली का फेसबुक पर विरोध
‘सॉरी इंडियंस... हमने ऐसा एमपी चुना..’ यह कमेंट आज फेसबुक पर चर्चा का विषय बन गया है। ये कमेंट असल में केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश के वक्तव्य पर शर्मसार शहर की एक महिला टीचर ने फेसबुक पर लिखा है। यह बात सिर्फ एक महिला की नहीं है बल्कि शहर की तमाम महिलाएं श्रीप्रकाश की इस ठिठोली से काफी आहत हैं। महिलाओं का कहना है कि मंत्री जी ने शायद कभी पत्नी की निस्वार्थ सेवा नहीं देखी। उन्होंने पत्नी को करवाचौथ का व्रत करते नहीं देखा। महिलाएं कह रही हैं कि कोई श्रीप्रकाश जायसवाल को बताए कि पत्नी और शादी जितनी पुरानी होती है, रिश्तों का बंधन उतना ही मजबूत होता जाता है...।

ये बयान निहायत आपत्तिजनक है। इसके विरोध में प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एनसीडब्लू चिट्ठी भेजेगा। - ममता शर्मा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग

जायसवाल सफाई देकर माफी मांग चुके हैं, लिहाजा ये मुद्दा वहीं खत्म हो गया है।--मनीष तिवारी, कांग्रेस प्रवक्ता

कांग्रेस पार्टी की कमान एक महिला के हाथ में हैं। कैबिनेट में कौन रहेगा ये प्रधानमंत्री के अधिकार क्षेत्र में है लेकिन अब मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष को सोचना होगा कि इस तरह की सामंती मानसिकता के लोगों को कैबिनेट में रखें या नहीं। ऐसे बयानों से पार्टी के स्तर का अनुमान लगाया जा सकता है।- निर्मला सीतारमन, भाजपा प्रवक्ता


ऐसा गैरजिम्मेदार आदमी केंद्रीय मंत्रिमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए। जीवन में पत्नी की क्या भूमिका होती है, बयान देने से पहले उन्होंने इस पर विचार ही नहीं किया। जब महिलाओं पर अत्याचार की इतनी घटनाएं हो रही हैं। गांव से शहर तक कहीं लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। समाज का इतना अवमूल्यन हो रहा है। ऐसे में एक मंत्री ऐसा गैर जिम्मेदाराना भाषण देता है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अगर वे कहते हैं कि यह मजाक है तो उसकी भी भाषा होती है। उनके शब्दों में महिलाओं के प्रति जलालत झलक रही है। इसकी सजा मिलनी चाहिए। जितना बड़ा पद उतनी बड़ी सजा, जिससे समाज को एक मैसेज जाए। मैं तो कहती हूं कि मिसेज श्रीप्रकाश से भी पूछना चाहिये कि वह कैसा महसूस कर रही हैं।-सुभाषिनी अली, पूर्व सांसद
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