खुलासा: जैश मुख्यालय के थे पठानकोट हमले में इस्तेमाल फोन नंबर
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पठानकोट आतंकी हमले के दौरान इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों में से एक पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय से जुड़ा है।
पाकिस्तान की काउंटर टेरोरिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) की जांच में उजागर हुए इस तथ्य की जानकारी भारत के साथ साझा की गई है। इस मामले में पाकिस्तान की ओर से उठाए जा रहे इन कदमों के आधार पर भारत वहां की एसआईटी को पठानकोट एयरबेस के भीतर जांच की इजाजत देने का मन बना रहा है। इस नंबरों की पूरी जांच रिपोर्ट एसआईटी अपने साथ लेकर भारत आएगी।
पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने भी इस्लामाबाद में इस बात की पुष्टि की है कि जैश आतंकियों के इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों में से एक संगठन के दफ्तर से जुड़ा है।
पाक एसआईटी आ सकती है भारत
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि अगर पाक एसआईटी को एयरबेस के भीतर घटनास्थल तक जाने की इजाजत नहीं दी गई तो उसकी रिपोर्ट वहां की अदालत में ठोस सबूत नहीं बन पाएगा। इस मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक बीते शुक्रवार को सीटीडी की एफआईआर दर्ज कराने का मकसद ही एसआईटी को कानूनी ताकत देना था।
यह बेनामी एफआईआर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की शिकायत और भारत की ओर से दिए गए फोन नंबरों के आधार पर की गई है। सूत्रों के मुताबिक एफआईआर दर्ज होने के बाद सीटीडी कानूनी तौर पर पाकिस्तान की मोबाइल कंपनियों से इन नंबरों से संबंधित डाटा हासिल कर पाई है। इन्हीं में से एक नंबर जैश के मुख्यालय से संबंधित बताया जा रहा है।
अधिकारी के मुताबिक यह जैश के खिलाफ बड़ा सबूत है। पाक के एनएसए नसीर जंजुआ और अजीत दोभाल जांच में इस प्रगति पर लगातार संपर्क में हैं। अधिकारी के मुताबिक जैश सरगना मसूद अजहर की नजरबंदी, नवाज शरीफ के कारगिल पर पाक के हमले को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पीठ में छुरा घोंपने संबंधी बयान और एफआईआर दर्ज होने के बाद भारत ने एसआईटी भेजने का राजीनामा दे दिया है।
मार्च के पहले हफ्ते में पाक एसआईटी भारत आ सकती है। सूत्रों ने बताया कि पाक के नवाज शरीफ का कारगिल संबंधी बयान काफी साहस भरा है। यह बयान दर्शाता है कि नवाज शरीफ को पाकिस्तान की आवाम के बड़े हिस्से का समर्थन प्राप्त है।