जयराम रमेश ने गिनाई कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की नाकामियां
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केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि पार्टी के शीर्ष नेता राजनीतिक संवाद कायम करने में विफल रहे हैं। कहा कि पार्टी के शेरपा (शीर्ष नेता) भाजपा के यूपीए के शासन को भ्रष्ट बताए जाने के आरोपों का प्रभावी ढंग से जवाब देने में नाकाम रहे हैं। साथ ही डीएमके कोटे से मंत्री रहे टीआर बालू को सरकार के लिए आपदा करार दिया।
10 साल से केंद्र की सत्ता में काबिज कांग्रेस के प्रति विरोधी रुख को स्वीकार करते हुए रमेश ने कहा कि हम जनता के साथ राजनीतिक संवाद कायम में सफल नहीं रहे।
आखिरी वक्त में राजनीतिक संवाद कोई मायने नहीं रखता है। आपको पूरे वक्त राजनीतिक संवाद कायम रखना होता है। इसी के चलते कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। भ्रष्टाचार के मसले पर विपक्ष के सरकार पर हमलों के जवाब में उन्होंने माना कि 2जी, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य घोटालों से कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया है।
संवाद कायम करने में विफल रहे शीर्ष नेता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि राजनीति का एक आधारभूत सिद्धांत संवाद है और इसे पार्टी के शीर्ष नेताओं को पहली प्राथमिकता पर रखना चाहिए। दुर्भाग्य से हम ऐसा करने में विफल रहे।
भाजपा ने कैग, न्यायपालिका, सिविल सोसायटी के फैसलों को आक्रामक ढंग से उठाया और जैसा सख्त रवैया और जवाब हमें देना चाहिए था, उसमें हम नाकाम रहे। उन्होंने यूपीए सरकार के सहयोगी रहे डीएमके को अहसान फरामोश करार दिया और केंद्र में दूरसंचार मंत्री रहे टीआर बालू को आपदा बताया।
रमेश ने 2014 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन नहीं करने पर डीएमके के रवैये पर नाखुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि डीएमके को कांग्रेस से काफी कुछ हासिल हुआ है। बिना कांग्रेस के समर्थन के तमिलनाडु में उनकी सरकार नहीं बचती। डीएमके को केंद्र में मनचाहे मंत्रिपद दिए गए।