पेड़ लगाया जयराम ने, फल खाने पहुंच गए मोइली
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पेड़ अपना फल नहीं खाते यह बात तो प्रकृति के नियम के तौर पर समझ में आती है। लेकिन पेड़ लगाने वाले को फल तो दूर उसकी छाया तक नसीब न हो। वह भी आम नहीं बल्कि किसी खास के साथ तो यह बात समझ से परे है।
पर ऐसा ही कुछ वाकया ग्रामीण विकास मंत्री जयराम के साथ हुआ। हालांकि बाद में आनन फानन में इस भूल को सुधारने की कोशिश की गई। लेकिन भूल सुधार भी यह मामला जयराम को गहरी टीस दे गया।
जयराम रमेश का नाम भूल गए मोइली
यह वाकया दिल्ली में पर्यावरण के नए मुख्यालय इंदिरा पर्यावरण भवन के उद्घाटन के दौरान सामने आया। मंगलवार को इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था।
इस भवन की नींव पर्यावरण मंत्री रहते हुए जयराम रमेश ने की थी। अड़चनों को दूर करने के लिए भी उन्होंने काफी मेहनत की थी। लेकिन उद्घाटन का समय आया तो मौजूदा पर्यावरण मंत्री मोइली उनका नाम भूल गए।
वीरप्पा मोइली को लिख डाली चिट्ठी
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश को भी धुरंधर राजनीतिज्ञों की तरह नाम पट्टिका पर अपना नाम नहीं दिखना अखर गया। महज अखरा ही नहीं बल्कि इतनी गहरी टीस दे गया कि पत्थर पर नाम के लिए अपने सहयोगी पर्यावरण मंत्री वीरप्पा मोइली को तत्काल चिट्ठी लिख डाली।
इस खत में उन्होंने बेबाकी से खुद के योगदानों का हवाला देकर गलती सुधारते हुए नाम पट्टिका पर अपना नाम दर्ज करने की बात कही। तब कहीं जाकर पर्यावरण के नए भवन में लगी नाम पट्टिका पर उनका नाम दर्ज हो सका।