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7 साल के इंतजार में मिली 'शाकाहारी किडनी'

Sat, 07 Feb 2015 08:12 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 07 Feb 2015 08:12 PM IST
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jain followers in gujarat, pure vegetarian kidney.

पिछले कई सालों से जिंदगी ही जंग लड़ रही गुजरात की अनीता घरात को अब नया जीवन मिल गया है। अहमदाबाद की 42 वर्षीय महिला अनीता घरात 2007 से किडनी ट्रांसप्लांट कराने के इंतजार में थी जिसे अब शुद्ध शाकाहारी किडनी मिल गई है।

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शुद्ध शाकाहारी किडनी की बात सुनकर हैरानी जरूर हो रही है लेकिन यह बात बिल्कुल सही है कि महिला को शुद्ध शाकाहारी किडनी मिली है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, अनीता गुजराती परिवार की एक शाकाहारी महिला थी और उसे शाकाहारी शख्स की ही किडनी चाहिए थी। पिछले दिनों रीता देसाई नाम की एक महिला सड़क दुर्घटना का शिकार हुई और उसे अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। ऐसे में रीता के परिवार वालों ने उसके अंगों को दान करने का निर्णय लिया।
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वहीं मृतक रीता का ब्लड ग्रुप भी अनीता के बल्ड ग्रुप से मैच का था जिससे अनीता को किडनी ट्रांसप्लांट की जा सकी। गौरतलब है कि अनीता के शाकाहारी होने से पहले पूरा परिवार मांसाहारी था।

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अनीता भी खाती ‌थीं मछली

jain followers in gujarat, pure vegetarian kidney.

अनीता को नई किडनी मिलने पर उसके पूरे परिवार ने मांसाहार छोड़ दिया है और शुद्ध शाकाहारी जीवन को अपनाने का निर्णय लिया है।

बताते हैं कि शाकाहारी होने से पहले अनीता भी अपने परिवार के साथ 'मासा च रासा' (मराठी मछली डिस) खाती थीं लेकिन बाद में धार्मिक जीवन अपनाने से उन्होंने मांसाहार छोड़ दिया था।

अनीता को किडनी ट्रांसप्लांट करने से पहले रीता के परिवार वालों ने अनीता को भरोसा दिलाया कि उनका परिवार शुद्ध शाकाहारी है और जैन धर्म का अनुयायी है। तब अनीता ने रीता की किडनी लेना स्वीकार किया।

इस मामले पर रीता के भाई ने कहा कि धार्मिक और शाकाहारी परिवार ने उनकी बहन की किडनी का स्वीकार किया है इससे रीता की आत्मा को शांति मिलेगी।

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