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जेटली के इशारों को समझेगा RBI, घटेंगी ब्याज दरें?

Mon, 12 Jan 2015 04:27 PM IST
Updated Mon, 12 Jan 2015 04:27 PM IST
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jailtey in the Vibrant Gujarat Summit

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गांधीनगर में हो रहे वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में कहा कि लक्ष्य तक तभी पहुंचा जा सकता है जब लीडर भी अच्छा हो। जेटली बोले कि प्रधानमंत्री को समझदार होना चाहिए और अपने निर्णयों पर लोगों की तरफ से आने वाली प्रतिक्रिया का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए जेटली बोले कि निवेश आकर्षित करने के लिए दिशा-निर्देश स्पष्ट होने चाहिए और उस दिशा में तेजी से काम भी होना चाहिए। जेटली बोले कि आने वाले दिनों में भारत में निवेश बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अगले साल तक देशभर में जीएसटी लागू कर दिया जाएगा।
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जेटली ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक को खाद्य महंगाई में गिरावट और पिछले कुछ महीनों में घटी तेल की कीमतों को ध्यान में रखकर ब्याज दर में भी कटौती करनी चाहिए। जेटली ने यह बात रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मालिक मुकेश अंबानी के एक सवाल के जवाब में कही।

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5 साल में लाए नया कंपनी कानून

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अपनी उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए वे बोले कि पिछले सात महीनों में निवेश और इंश्योरेंस के कुछ ऐसे क्षेत्रों को खोला गया है, जो बहुत समय से विचाराधीन थे। यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए जेटली बोले कि उस सरकार ने 2008 से लेकर 2013 तक 5 साल कंपनी कानून बनाने में बर्बाद कर दिए, जो आज के कारोबार के हिसाब से फिट नहीं बैठता है।

इतना ही नहीं, 2006 से 2014 तक चली आ रही कोल समस्या को सिर्फ एक अध्यादेश जारी कर मोदी सरकार ने ही आसान बनाया। कोल ब्लॉक का आवंटन मनमाने तरीके से किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट और सीएजी (कैग) ने भी माना है।

मोदी ने ये कहा था वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में

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इससे पहले गांधी नगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में रविवार को संबोधन के दौरान मोदी ने सबसे पहले पेरिस में हुए हमले में मारे गए लोगों को श्रृद्धांजलि दी और बोले कि पूरी दुनिया में आतंकवाद बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे फ्रांस के लोगों से साथ खड़े हैं।

गौरतलब है कि इस सम्मेलन को पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' प्रोजेक्ट का पहला टेस्ट माना जा रहा है। कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी हिस्सा लिया और करीब 100 राष्ट्रों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शरीक हुए।

मोदी ने अपने संबोधन के दौरान योगा का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि सबको साथ लेकर चलने की बात इस कार्यक्रम का संदेश होना चाहिए। मोदी ने यह भी कहा कि भारत को दूसरे पहलू से भी देखे जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारा दर्शन संरक्षण का दर्शन है।
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