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पार्टी छोड़ते ही राहुल पर बरसे जगदंबिका पाल

Fri, 07 Mar 2014 10:46 PM IST
Updated Fri, 07 Mar 2014 10:46 PM IST
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Jagdambika pal raise question against rahul gandhi

वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने पार्टी छोड़ने के ऐलान के साथ ही राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस में राहुल का कद बढ़ने के बाद पार्टी के अंदर युवा और बुजुर्ग नेताओं के बीच संघर्ष की जो बात अभी तक पर्दे के पीछे थी, वह अब सामने आने लगी है।

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उत्तर प्रदेश से कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे के साथ ही कांग्रेस को भी छोड़ दिया। पाल के भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। डुमरियागंज से सांसद पाल ने राहुल का नाम लिए बगैर कहा है कि कांग्रेस के उभरते नेतृत्व को वरिष्ठ नेताओं की जरूरत नहीं रह गई है।
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पार्टी में उनके जैसे कई वरिष्ठ और बुजुर्ग नेता अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं, जो कह रहे हैं उनकी सुनी नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के समय से लेकर सोनिया तक पार्टी के लिए काम किया। मगर समस्या अब शुरू हुई है।

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कांग्रेस नेतृत्व पर उठाए सवाल

Jagdambika pal raise question against rahul gandhi

जगदंबिका पाल कांग्रेस के पुराने नेता हैं। पिछले कई सालों से वह मीडिया में कांग्रेस के एक चेहरे के तौर पर भी पेश होते रहे हैं। राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठने से कांग्रेस सकते में है।

पार्टी को जवाब देते नहीं बन रहा है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले व्यक्ति की विचारधारा को भी बदलते देर नहीं लगती।

उन्होंने कहा कि अगर वह कांग्रेस उपाध्यक्ष की आलोचना कर रहे हैं तो वह ये बात खुद नहीं बल्कि वह विचारधारा बोल रही है, जिसे वह अपनाने जा रहे हैं।

65 साल के पाल ने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस में सेवा करने के बाद उन्हें कुछ समय से यह महसूस हो रहा था कि वह अपनी राय और सुझाव रख पाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं और नेतृत्व के साथ संपर्क की समस्या है।

भाजपा में शाम‌िल हो सकते हैं पाल

Jagdambika pal raise question against rahul gandhi

उन्होंने इस बात को खारिज किया कि उन्होंने ऐन लोकसभा चुनाव के वक्त इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि कांग्रेस के टिकट पर अपनी सीट बरकरार रखना उनके लिए कठिन था। पाल ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में तीन विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके हैं, जहां पार्टी 1989 से सत्ता से बाहर है।

पाल ने कहा कि 1989 के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में नहीं आई है लेकिन वह पार्टी में बने रहे। इसकी नीतियों का बचाव करता रहा। 65 साल की उम्र में जब वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं तो वह इसलिए नहीं कि वह कुछ पाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि वह कुछ समय से महसूस कर रहे है कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं की अब कांग्रेस में जरूरत नहीं रह गई है। पाल ने कहा कि ये राय उनकी नहीं बल्कि दूसरे नेताओं की भी यही राय है। पार्टी में वरिष्ठ लोगों का सम्मान नहीं किया जा रहा है।

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