पार्टी छोड़ते ही राहुल पर बरसे जगदंबिका पाल
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने पार्टी छोड़ने के ऐलान के साथ ही राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस में राहुल का कद बढ़ने के बाद पार्टी के अंदर युवा और बुजुर्ग नेताओं के बीच संघर्ष की जो बात अभी तक पर्दे के पीछे थी, वह अब सामने आने लगी है।
उत्तर प्रदेश से कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे के साथ ही कांग्रेस को भी छोड़ दिया। पाल के भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। डुमरियागंज से सांसद पाल ने राहुल का नाम लिए बगैर कहा है कि कांग्रेस के उभरते नेतृत्व को वरिष्ठ नेताओं की जरूरत नहीं रह गई है।
पार्टी में उनके जैसे कई वरिष्ठ और बुजुर्ग नेता अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं, जो कह रहे हैं उनकी सुनी नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के समय से लेकर सोनिया तक पार्टी के लिए काम किया। मगर समस्या अब शुरू हुई है।
कांग्रेस नेतृत्व पर उठाए सवाल
जगदंबिका पाल कांग्रेस के पुराने नेता हैं। पिछले कई सालों से वह मीडिया में कांग्रेस के एक चेहरे के तौर पर भी पेश होते रहे हैं। राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठने से कांग्रेस सकते में है।
पार्टी को जवाब देते नहीं बन रहा है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले व्यक्ति की विचारधारा को भी बदलते देर नहीं लगती।
उन्होंने कहा कि अगर वह कांग्रेस उपाध्यक्ष की आलोचना कर रहे हैं तो वह ये बात खुद नहीं बल्कि वह विचारधारा बोल रही है, जिसे वह अपनाने जा रहे हैं।
65 साल के पाल ने कहा कि लंबे समय तक कांग्रेस में सेवा करने के बाद उन्हें कुछ समय से यह महसूस हो रहा था कि वह अपनी राय और सुझाव रख पाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं और नेतृत्व के साथ संपर्क की समस्या है।
भाजपा में शामिल हो सकते हैं पाल
उन्होंने इस बात को खारिज किया कि उन्होंने ऐन लोकसभा चुनाव के वक्त इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि कांग्रेस के टिकट पर अपनी सीट बरकरार रखना उनके लिए कठिन था। पाल ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में तीन विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके हैं, जहां पार्टी 1989 से सत्ता से बाहर है।
पाल ने कहा कि 1989 के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में नहीं आई है लेकिन वह पार्टी में बने रहे। इसकी नीतियों का बचाव करता रहा। 65 साल की उम्र में जब वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं तो वह इसलिए नहीं कि वह कुछ पाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि वह कुछ समय से महसूस कर रहे है कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं की अब कांग्रेस में जरूरत नहीं रह गई है। पाल ने कहा कि ये राय उनकी नहीं बल्कि दूसरे नेताओं की भी यही राय है। पार्टी में वरिष्ठ लोगों का सम्मान नहीं किया जा रहा है।