'बेटे को PM बनाना चाहती थीं, सो आंध्र बांट दिया'
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तेलंगाना के गठन को कैबिनेट की मंजूरी के बाद से आंध्र प्रदेश में सियासी उबाल आ गया है।
वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि यदि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कहने पर दागी सांसदों और विधायकों को बचाने वाले विवादित अध्यादेश को वापस लिया जा सकता है तो फिर तेलंगाना को क्यों नहीं।
जगन ने सोनिया गांधी पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने राज्य का बंटवारा किया है। उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, "कोई अपने बेटे को पीएम बनाना चाहता था, इसलिए आंध्र प्रदेश का बंटवारा कर दिया गया।"
जगन का कहना है कि तेलंगाना को कैबिनेट की मंजूरी जनादेश का अपमान है। सरकार ने बहुसंख्यक जनता की अवहेलना करते हुए इसे हरी झंडी दी। सच तो ये है कि आगामी लोकसभा चुनाव में सियासी फायदे के लिए यह कदम उठाया गया।
यह दूसरी बार है जब जगन अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। पिछले महीने चंचलगूडा जेल में आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के विरोध में वे अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे, हालांकि यह अनशन महज पांचवें दिन ही खत्म हो गया था।
वहीं, तेलंगाना गठन के विरोध में सीमांध्रा और रायलसीमा इलाके में दूसरे दिन भी बंद होने से जनजीवन पर इसका व्यापक असर पड़ा।
48 घंटे बंद का आयोजन आंध्र प्रदेश नॉन गजटेड ऑफिसर्स (एपीएनजीओ) और संयुक्त आंध्र समर्थकों ने किया। वहीं वाईएसआर कांग्रेस ने गैर-तेलंगाना इलाकों में कामबंद की घोषणा की है।
तटीय आंध्र और रायलसीमा इलाके के 13 जिलों में इलाके के स्कूल, कॉलेज, दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद हैं। बंद से सबसे अधिक आंध्र का तटीय इलाका प्रभावित हुआ।
आईजी द्वारका तिरुमल राव (तटीय आंध्र) ने बताया, 'इन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में है। यदि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। लेकिन यदि प्रदर्शनकारियों ने हिंसा की तो उचित कार्रवाई की जाएगी।'