फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Jagan case: Court orders freezing of assets worth Rs 143 Cr

जगन की 143 करोड़ रुपये की संपत्तियों की होगी कुर्की

Sat, 08 Jun 2013 12:53 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sat, 08 Jun 2013 12:53 AM IST
विज्ञापन
Jagan case: Court orders freezing of assets worth Rs 143 Cr

आय से अधिक संपत्ति के मामले में वाईएसआर कांग्रेस के मुखिया जगन मोहन रेड्डी और उनके सहयोगियों की 143 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों की कुर्की की जाएगी।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को एक विशेष मनी लांड्रिंग निरोधक अधिनियम अदालत (पीएमएलए) ने इस बाबत आदेश जारी किया।

यह निर्देश इस साल जनवरी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रैम्की ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ दिए गए कुर्की के आदेश के बाद आया है।

तत्कालीन आंध्र प्रदेश सरकार ने गैरकानूनी रूप से इन कंपनियों का पक्ष लिया था। बदले में कंपनियों ने जगन के स्वामित्व वाली कंपनी जगती पब्लिकेशंस को फायदा पहुंचाया था।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि ईडी ने जनवरी में हैदराबाद स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की एक शाखा में रखी कडप्पा से सांसद जगन की जगती पब्लिकेशंस के नाम से 10 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट को भी जब्त करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


साल भर पहले मामले में गिरफ्तार जगन इस समय चंचलगुडा जेल में बंद हैं।

ईडी द्वारा जांच की जा रही इन संपत्तियों को स्थिर संपत्ति की संज्ञा करार देते हुए एसके शर्मा और के रामामूर्ति की अध्यक्षता वाली पीएमएलए की पीठ ने कहा, ‘हम पहली नजर में इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि बचाव पक्ष (रैम्की ग्रुप और जगती पब्लिकेशंस) अपराध और लांड्रिंग के मामलों में लिप्त रहे हैं।


इसलिए हम मनी लांड्रिंग और अपराध में शामिल इनकी 143.74 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश देते हैं।’

ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर जगन द्वारा आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले की जांच कर रही है।

जगन ने यह संपत्ति अपने पिता और राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के दौरान बनाई थी, जिनकी 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed