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गर्लफ्रेंड के जरिए त्यागी तक पहुंचा था बिचौलिया

Thu, 14 Feb 2013 11:16 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 14 Feb 2013 11:16 AM IST
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italians took girlfriend, money route to sp tyagi, says english daily

हेलिकॉप्टर सौदे में रिश्वत ही नहीं लड़कियों का भी इस्तेमाल हुआ था। एक अंग्रेजी अखबार ने दावा किया है कि इटैलियन कंपनी के बिचौलिए ने पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी तक पहुंच बनाने और डील को अपने पक्ष में करने के लिए कैश के साथ-साथ लड़कियों का भी इस्तेमाल किया था। यही नहीं सौदे के लिए स्विटजरलैंड के बिचौलिए ने त्यागी से 6-7 बार मुलाकात भी की और हेलीकॉप्टर की तकनीकी खूबियों पर बातचीत की।

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इटली में हुई जांच की रिपोर्ट में कहा गया है कि फिनमैकानिका/अगस्ता वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच हुए समझौते में कार्लो गैरोसा और गुइडो राल्फ हैश मुख्य बिचौलिये थे। इटली की अदालत में कहा गया है कि पूरे सौदे में कुल 362 रुपये की घूस में से 100 करोड़ रुपये से अधिक भारतीयों को दिया गया।
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इटैलियन जांच एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बिचौलिया गुइडो राल्फ हैश ने अपने इकबालिया बयान में बताया कि उसे सौदा पक्का करने के लिए कंपनी की ओर से 20 मिलियन यूरो दिए गए थे, जिसमें से 12 मिलियन यूरो पूर्व वायु सेना प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदारों -जूली, डॉकसा और संदीप त्यागी को दे दिए गए। बिचौलिए का ये बयान नवंबर, 2102 में रिकॉर्ड किया गया था।
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इससे पहले हेलीकॉप्टर खरीद में नाम आने के बाद एसपी त्यागी ने माना है कि वह इस सौदे के एक बिचौलिए से अपनी बुआ की बेटी के घर पर मिले थे। उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही जा रही है कि इटली की कोर्ट में पेश प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि रक्षा उत्पाद बनाने वाली कंपनी फिनमैकानिका ने भारत सरकार से अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों का सौदा कराने के लिए एसपी त्यागी को घूस दी थी। तब वह वायुसेना प्रमुख थे।

त्यागी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मैं अपनी रिश्तेदार के घर पर बिचौलिए से मिला था। लेकिन आप यह कहें कि मैंने उससे संपर्क किया था तो मैं कहूंगा कि नहीं। मेरा उससे क्या संबंध हो सकता है? मैं आपसे कहना चाहता हूं कि इस सौदे की पूरी प्रक्रिया मेरे सेवानिवृत्त होने के बाद शुरू हुई। हेलीकॉप्टर का मूल्यांकन, ट्रायल और अनुबंध सब 2010 में हुए।’


पूर्व वायुसेना प्रमुख ने उन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया कि उन्हें इस सौदे में किसी प्रकार की घूस प्राप्त हुई। उन्होंने कहा, ‘मैं निर्दोष हूं। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। मैं इनका खंडन करता हूं। मैं 2007 में रिटायर हो गया था और यह सौदा 2010 में हुआ।’ गौरतलब है कि हेलीकॉप्टर डील में रिश्वत देने के आरोपों में सोमवार को फिनमैकानिका कंपनी के सीईओ गियूसेप्पे ओरसी के गिरफ्तार कर लिया गया था।

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