{"_id":"0edfd82e-92cb-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"italian-marines-would-not-get-death-sentence-says-salman-khurshid","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी शर्तों पर भारत लौटे इतालवी नौसैनिक","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अपनी शर्तों पर भारत लौटे इतालवी नौसैनिक
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2013 09:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और इटली के बीच कूटनीतिक तनातनी की वजह बने इटली के दोनों नौसैनिक शुक्रवार को भारत लौट आए। लेकिन उन्हें तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इन दोनों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप साबित हो जाने के बावजूद उन्हें मौत की सजा नहीं सुनाई जा सकेगी। यूपीए सरकार के इटली की इन शर्तों को मान लेने के बाद ही दोनों नौसैनिक भारत लौटे हैं।
विज्ञापन
इससे पहले विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने संसद में दोनों नौसैनिकों को भारत भेजने के लिए इटली के राजी हो जाने की जानकारी दी। इटली की शर्तों पर सरकार के हामी भरने के बावजूद विदेश मंत्री ने नौसैनिकों के लौटने को सरकार की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बताया।
विज्ञापन
वहीं, विपक्ष ने विवादास्पद शर्तें मानने के लिए यूपीए सरकार पर निशाना साधा है। संसद के दोनों सदनों में दिए अपने लिखित बयान में विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों नौसैनिकों पर भारतीय कानून के तहत लागू होने वाली शर्तों पर इटली ने स्पष्टीकरण मांगा था।
वह जानना चाहता था कि क्या इन्हें मौत की सजा दी जा सकती है और यह भी कि क्या इन्हें भारत पहुंचने पर तत्काल गिरफ्तार किया जा सकता है? इसके जवाब में इटली को बताया गया कि चूंकि यह मामला जघन्यतम की श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए इन्हें मौत की सजा नहीं दी जाएगी।
साथ ही अगर नौसैनिक सुप्रीम कोर्ट की तय समय सीमा में भारत आ गए तो इन्हें गिरफ्तार भी नहीं किया जाएगा। यह भी माना जा रहा है कि हत्या का दोष साबित होने और सजा होने के बाद दोनों नौसैनिकों को इटली की जेल में ही सजा काटने की अनुमति दी जा सकती है।
इस मामले के संतोषजनक निपटारे को बड़ी कूटनीतिक सफलता मानते हुए खुर्शीद ने सरकार की पीठ जरूर थपथपाई, लेकिन इटली की विवादास्पद शर्तों पर भारत की हामी के सवाल को टाल गए। उन्होंने कहा कि अब सब कुछ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगा।